Bilaspur Highcourt । शिक्षकों के प्रभारवाद को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में विभाग से जवाब मांगा है। दरअसल ये याचिका छात्रावास अधीक्षक की तरफ से दायर की गयी थी। याचिका पर सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जशपुर जिले में एक शिक्षक को छात्रावास अधीक्षक का प्रभार सौंपे जाने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव, आयुक्त, सहायक आयुक्त और संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।मामला जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड स्थित शासकीय प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, पंडरीपानी से जुड़ा है।
शिक्षक को दिया गया था छात्रावास का प्रभार
याचिका के अनुसार, सज्जन कुमार डहरिया की नियुक्ति वर्ष 2016 में छात्रावास अधीक्षक (श्रेणी-डी) के पद पर हुई थी। वर्ष 2025 में पदोन्नति के बाद उन्हें छात्रावास अधीक्षक (श्रेणी-सी) बनाते हुए शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, पंडरीपानी में पदस्थ किया गया।
चूंकि प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास एक ही भवन में संचालित हो रहे हैं, इसलिए नवंबर 2025 में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने दोनों छात्रावासों का प्रभार सज्जन कुमार डहरिया को सौंप दिया था।
लेकिन 13 जुलाई 2026 को जारी आदेश में प्री-मैट्रिक छात्रावास का प्रभार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कुल्हारबुड़ा में पदस्थ शिक्षक बृज किशोर पैंकरा को दे दिया गया, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
DPI के आदेश का उल्लंघन बताया
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता अपूर्व पांडे ने न्यायालय में तर्क दिया कि छात्रावास अधीक्षक एक गैर-शैक्षणिक पद है और शिक्षक को इस पद का प्रभार देना लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के 24 फरवरी 2026 के आदेश का उल्लंघन है।DPI के आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे शिक्षक संवर्ग के कर्मचारियों को उनके मूल शैक्षणिक पदों पर कार्यमुक्त कर वापस भेजा जाए।
हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
मामले की सुनवाई 21 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने शिक्षक बृज किशोर पैंकरा को छात्रावास अधीक्षक का प्रभार देने वाले आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।साथ ही आदिम जाति विकास विभाग के सचिव, आयुक्त, सहायक आयुक्त तथा संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
फरसाबहार के दूसरे मामले में भी राहत
इसी प्रकार के एक अन्य मामले में शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, फरसाबहार के छात्रावास अधीक्षक समीत बेग के स्थान पर सहायक शिक्षक मनराज राम को प्रभार दिए जाने के आदेश को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने शिक्षक को प्रभार सौंपने वाले आदेश पर भी अंतरिम रोक लगा दी और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।


















