धमतरी/नगरी, 24 जुलाई 2026। जिले के सुदूर वनांचल और दुर्गम क्षेत्र रिसगांव में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. यू.एल. कौशिक, खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. डी.एन. सोम तथा बीपीएम हितेंद्र साहू ने दौरा किया। जहां टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC), उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP), नियमित टीकाकरण, मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही आवश्यक दवाओं, विशेष रूप से एंटी स्नेक वेनम (ASV) की उपलब्धता, भंडारण एवं प्रबंधन का भी जायजा लिया गया।
इस अवसर पर पदस्थ आरएमए दुर्गेश साहू एवं आरएचओ से स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, क्षेत्र की चुनौतियों और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। सीएमएचओ ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
नदी-नाले पार कर पहुंचे अधिकारी
रिसगांव नगरी विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित एक सुदूर वनांचल क्षेत्र है, जहां पहुंचना आज भी आसान नहीं है। घने जंगलों और नदी-नालों को पार कर सीएमएचओ, बीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और वहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
ग्रामीणों की पुल निर्माण की मांग अब भी अधूरी
रिसगांव तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों के कारण ग्रामीण लंबे समय से नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन के समक्ष यह मांग रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। बरसात के दिनों में नदी-नाले उफान पर होने से आवागमन और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।


















