रायपुर/मरवाही। स्कूल शिक्षा विभाग में अटैचमेंट व्यवस्था समाप्त करने के डीपीआई (लोक शिक्षण संचालनालय) के निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। शिक्षकों के बाद अब विकासखंड स्रोत समन्वयकों (BRC) को भी उनके मूल स्कूलों में वापस भेजा जा रहा है। मरवाही जिले से जारी दो अलग-अलग आदेशों ने संकेत दे दिया है कि विभाग अब अटैचमेंट के मामलों में किसी तरह की ढिलाई के पक्ष में नहीं है।
मरवाही जिले में जारी आदेश के अनुसार पेंड्रा के विकासखंड स्रोत समन्वयक रामकुमार बघेल को उनके पद से कार्यमुक्त कर मूल शाला में भेज दिया गया है। उनके स्थान पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) रविंद्रनाथ चंद्रा को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इसी तरह मरवाही विकासखंड के स्रोत समन्वयक अजय राय को भी उनके मूल स्कूल में भेजने का आदेश जारी किया गया है। उनके स्थान पर मरवाही के बीईओ संजय वर्मा को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
DPI के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
लोक शिक्षण संचालनालय ने हाल ही में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए सभी प्रकार के शिक्षक अटैचमेंट समाप्त करने को कहा था। विभाग ने चेतावनी दी थी कि जो शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने मूल पदस्थापना स्थल पर वापस नहीं लौटेंगे, उनका जुलाई माह का वेतन रोका जा सकता है।
यही नहीं, विभाग ने VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप के माध्यम से नियमित उपस्थिति दर्ज कराने को भी अनिवार्य किया है। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि बिना वैध कारण के ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ ब्रेक इन सर्विस जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

शिक्षा विभाग में बढ़ी हलचल
डीपीआई के लगातार सख्त निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। जिला स्तर पर अटैचमेंट समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कई जिलों में शिक्षकों एवं अन्य अधिकारियों को मूल संस्थानों में लौटने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य जिलों से भी इसी तरह के आदेश सामने आ सकते हैं।



















