Prahlad Joshi Biography । केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की कमान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद वेंकटेश जोशी को सौंप दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने की मंजूरी दे दी। फिलहाल वह अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का कामकाज भी संभालेंगे।
प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। संगठन से लेकर सरकार तक उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय संभालने के बाद अब उन्हें देश के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में से एक शिक्षा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद वेंकटेश जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक में हुआ। शुरुआती दौर में उन्होंने व्यवसाय से जुड़े कार्य किए, लेकिन जल्द ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की विचारधारा से जुड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। संगठन में उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें धीरे-धीरे बड़ी जिम्मेदारियां मिलती गईं।
तिरंगा आंदोलन से मिली राष्ट्रीय पहचान
प्रह्लाद जोशी पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर उस समय चर्चा में आए, जब उन्होंने 1992 से 1994 के बीच कर्नाटक के हुबली स्थित इदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के आंदोलन का नेतृत्व किया। उस समय यह आंदोलन पूरे देश में सुर्खियों में रहा। इसके बाद उन्होंने “कश्मीर बचाओ आंदोलन” में भी सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पहचान बनी।
भाजपा संगठन में लगातार बढ़ता गया कद
राजनीतिक सक्रियता के चलते उन्हें धारवाड़ जिले में भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद उनका संगठनात्मक कद लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2014 से 2016 तक उन्होंने भाजपा कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। उनके नेतृत्व में पार्टी ने राज्य में अपने संगठन को मजबूत किया।
लगातार छह बार बने लोकसभा सांसद
प्रह्लाद जोशी ने पहली बार 2004 में धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे लगातार 2004, 2009, 2014, 2019, 2024 में धारवाड़ से लोकसभा सांसद चुने गए। 2009 के चुनाव में उन्होंने कर्नाटक में सबसे बड़े जीत के अंतर वाले नेताओं में स्थान बनाया था। वहीं 2019 और उसके बाद के चुनावों में भी उन्होंने बड़ी बढ़त के साथ जीत हासिल की।
मोदी सरकार में लगातार कैबिनेट मंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार में 30 मई 2019 को प्रह्लाद जोशी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें संसदीय कार्य मंत्रालय, कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। तीसरी मोदी सरकार में भी उन्होंने यही जिम्मेदारियां संभालीं।
संसदीय कार्य मंत्री के रूप में संसद के सुचारु संचालन, विभिन्न दलों के बीच समन्वय और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में उनकी भूमिका अहम रही है।
लोकसभा अध्यक्ष के पैनल में भी निभाई भूमिका
प्रह्लाद जोशी 2014 से 2018 तक लोकसभा अध्यक्ष के पैनल में भी शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने कई बार सदन की कार्यवाही का संचालन किया। संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
अब शिक्षा मंत्रालय की बड़ी जिम्मेदारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी ऐसे समय में प्रह्लाद जोशी को मिली है, जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, नई शिक्षा नीति (NEP), डिजिटल शिक्षा और उच्च शिक्षा सुधार जैसे कई अहम मुद्दे चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ शिक्षा मंत्रालय को मिलेगा।
फिलहाल उन्हें अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, लेकिन शिक्षा मंत्रालय के सभी महत्वपूर्ण फैसलों की जिम्मेदारी अब उनके पास रहेगी। ऐसे में छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा जगत की निगाहें अब प्रह्लाद जोशी पर टिकी हैं।
प्रह्लाद जोशी प्रोफाइल (Quick Biography)
विवरण जानकारी
- पूरा नाम प्रह्लाद वेंकटेश जोशी
- जन्म 27 नवंबर 1962
- गृह राज्य कर्नाटक
- राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (BJP)
- लोकसभा क्षेत्र धारवाड़
- पहली बार सांसद 2004
- लगातार जीत 2004, 2009, 2014, 2019, 2024
- प्रमुख मंत्रालय संसदीय कार्य, कोयला, खान, शिक्षा (अतिरिक्त प्रभार)
- विशेष पहचान तिरंगा आंदोलन, भाजपा संगठन, संसदीय कार्य मंत्री



















