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Cashless Medical Scheme: कैशलेस इलाज की तैयारी अंतिम चरण में, कर्मचारी-शिक्षक संगठनों से सुझाव लेगी सरकार

छत्तीसगढ़ सरकार कैशलेस मेडिकल स्कीम लागू करने की तैयारी में जुटी है। सचिवालय में कर्मचारी और शिक्षक संगठनों के साथ बैठक होगी, जिसमें योजना के नियम और क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी।

July 29, 2026 12:55 PM
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Chhattisgarh Cashless Medical Scheme। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से प्रतीक्षित कैशलेस मेडिकल स्कीम को लागू करने की दिशा में सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। विधानसभा में योजना की घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग अब इसे जमीनी स्तर पर लागू करने से पहले कर्मचारी और शिक्षक संगठनों के साथ अंतिम दौर की चर्चा करने जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद योजना के क्रियान्वयन का रास्ता और साफ हो जाएगा।

सचिवालय में होगी अहम बैठक

हाल ही में आयोजित कैशलेस चिकित्सा क्रियान्वयन सम्मेलन के बाद अब छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ के प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) को सचिवालय में चर्चा के लिए बुलाया गया है। संघ की प्रदेशाध्यक्ष उषा चंद्राकर के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में योजना के नियम, संचालन व्यवस्था, अस्पतालों की सूची, पात्रता और क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा होगी।

सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारी और शिक्षक संगठनों के सुझावों को शामिल कर योजना को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि लागू होने के बाद कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

दो साल के संघर्ष के बाद मिली बड़ी सफलता

राज्य के कर्मचारी और शिक्षक संगठन पिछले करीब दो वर्षों से कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारियों को पहले इलाज का पूरा खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ता है, जिसके बाद सरकार से प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।

कई मामलों में भुगतान होने में महीनों से लेकर वर्षों तक का समय लग जाता था। इसके अलावा भुगतान प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं और लेन-देन के आरोप भी सामने आते रहे। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने कैशलेस मेडिकल व्यवस्था लागू करने की मांग तेज की थी।

विधानसभा में हुई घोषणा, अब क्रियान्वयन की तैयारी

सरकार ने कर्मचारियों की मांग को स्वीकार करते हुए बजट और विधानसभा में कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग लगातार योजना की रूपरेखा तैयार करने में जुटा हुआ है। अब विभागीय स्तर पर अंतिम तैयारियां चल रही हैं और कर्मचारी संगठनों के सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

विधायक ललित चंद्राकर ने दिया भरोसा

कैशलेस चिकित्सा क्रियान्वयन सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री दोनों इस योजना को लेकर सकारात्मक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार कर्मचारियों को जल्द कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है और योजना का लाभ शीघ्र मिलना शुरू होगा।

लाखों कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ

कैशलेस मेडिकल स्कीम लागू होने के बाद प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों, शिक्षकों और उनके आश्रित परिवारों को अस्पताल में इलाज के दौरान पहले अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा। सूचीबद्ध अस्पतालों में सीधे कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे इलाज आसान और पारदर्शी बनेगा।

स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि कर्मचारी संगठनों से प्राप्त सुझावों के आधार पर ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जो लंबे समय तक प्रभावी और विवादमुक्त तरीके से संचालित हो सके।

 

 

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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