रायपुर, 28 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति (Deputation) समाप्त करने की कार्रवाई लगातार जारी है। इस बार विभाग ने जिस सख्ती के साथ प्रतिनियुक्ति खत्म करने का अभियान चलाया है, वैसा पहले शायद ही कभी देखने को मिला हो। वर्षों से जिला और संभागीय कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कई शिक्षकों को अब अपने मूल विद्यालयों में लौटना पड़ रहा है।
प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की कार्रवाई को लेकर बिलासपुर जिला सबसे अधिक चर्चा में रहा। यहां कई शिक्षकों ने अपनी प्रतिनियुक्ति बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन विभाग के ‘ब्रेक इन सर्विस’ और वेतन रोकने जैसे कड़े निर्देशों के बाद आखिरकार उन्हें विद्यालयों में वापस लौटना पड़ा।
डीईओ कार्यालय से हटाए गए अखिलेश कुमार तिवारी
इसी क्रम में बिलासपुर जिला शिक्षा कार्यालय से एक और आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार व्याख्याता अखिलेश कुमार तिवारी की जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय, बिलासपुर में चल रही प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई है।अब उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चांटीडीह, विकासखंड बिल्हा, जिला बिलासपुर में पदस्थ किया गया है। विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
वर्षों तक प्रतिनियुक्ति पर रहे
जानकारी के अनुसार अखिलेश कुमार तिवारी लंबे समय से अलग-अलग कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत रहे हैं। इस दौरान वे नियमित रूप से विद्यालय में अध्यापन कार्य से दूर रहे। शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के अभियान के तहत अब उनकी प्रतिनियुक्ति भी समाप्त कर दी गई है और उन्हें मूल शैक्षणिक कार्य के लिए स्कूल भेज दिया गया है।
प्रतिनियुक्ति खत्म करने पर विभाग का फोकस
स्कूल शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाना और छात्रों को नियमित शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसी कारण विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अनावश्यक प्रतिनियुक्तियां अब जारी नहीं रहेंगी और शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में लौटना होगा।बिलासपुर में लगातार जारी हो रही इस तरह की कार्रवाइयों से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी प्रतिनियुक्त शिक्षकों के खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रह सकती है।



















