Raipur School Inspection: राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, BMO, CMO समेत 215 अधिकारियों को सौंपी गई स्कूलों की मॉनिटरिंग, शिक्षण गुणवत्ता पर होगी सीधी रिपोर्टिंग
रायपुर।छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर अब पहले से अधिक कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसकी शुरुआत राजधानी रायपुर से हो गई है। रायपुर कलेक्टर ने एक बड़ा आदेश जारी करते हुए 215 अधिकारियों और कर्मचारियों को जिले के अलग-अलग सरकारी स्कूलों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। ये अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और शिक्षकों की कार्यशैली, बच्चों की पढ़ाई तथा शिक्षा की गुणवत्ता पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए जवाबदेही तय करना है।
इन विभागों के अधिकारी करेंगे स्कूलों का निरीक्षण
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार पंचायत, राजस्व, बिजली, खाद्य, स्वास्थ्य, जनसंपर्क, खेल, लोक निर्माण (PWD), आदिम जाति कल्याण, पशु चिकित्सा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), श्रम, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा सहकारिता विभाग के अधिकारियों को एक-एक स्कूल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।इनमें राजस्व अधिकारी, जनपद पंचायत CEO, CMO, तहसीलदार, BMO, खाद्य निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं।
शिक्षकों की परफॉर्मेंस पर होगी सीधी निगरानी
निरीक्षण के दौरान अधिकारी केवल स्कूल का दौरा ही नहीं करेंगे, बल्कि शिक्षण कार्य की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन करेंगे। आदेश में तीन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष रूप से रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
- क्या शिक्षक नियमित रूप से विद्यार्थियों को क्लासवर्क और होमवर्क दे रहे हैं?
- क्या छात्र अपनी कॉपी में क्लासवर्क और होमवर्क पूरा कर रहे हैं?
- क्या शिक्षक विद्यार्थियों की कॉपियों की नियमित जांच कर रहे हैं?
इन बिंदुओं पर निरीक्षण के बाद अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
हर अधिकारी को सौंपा गया एक स्कूल
कलेक्टर कार्यालय ने निरीक्षणकर्ताओं को स्कूलों की सूची उपलब्ध करा दी है। आदेश में संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं ताकि निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही प्रत्येक निरीक्षणकर्ता को यह भी बताया गया है कि उन्हें अपनी रिपोर्ट किस BEO (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) या ABEO (सहायक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) को भेजनी है।
शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की पहल
शिक्षा विभाग का मानना है कि बाहरी विभागों के अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण से स्कूलों में अनुशासन, शिक्षकों की जवाबदेही और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो भविष्य में इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
यहां देखिये पूरा आदेश


















