तकनीकी खामियों के बीच ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन रोकने का विरोध तेज, DPI घेराव से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक प्रदर्शन की तैयारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में VSK ऐप के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन आहरण और कम उपस्थिति पर वेतन कटौती के निर्देश के खिलाफ प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। एक के बाद एक कई शिक्षक संगठनों ने इस आदेश को अव्यावहारिक बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि जब तक VSK ऐप की तकनीकी खामियों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उसके आधार पर किसी भी शिक्षक का वेतन रोकना या काटना न्यायसंगत नहीं है।
शिक्षक संगठनों का आरोप है कि VSK ऐप में लोकेशन, नेटवर्क, GPS, सर्वर डाउन, लॉगिन, OTP और ऐप हैंग होने जैसी गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं। कई दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं होने से शिक्षक समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में केवल डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर शिक्षकों को अनुपस्थित मानना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
संगठनों ने यह भी कहा कि स्कूलों में पहले से ऑफलाइन उपस्थिति पंजी उपलब्ध है, जिसमें शिक्षक प्रतिदिन हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज करते हैं। इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले भौतिक सत्यापन किया जाना चाहिए। अधिकांश संगठनों ने पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई है।
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन
रविंद्र राठौर बोले- तकनीकी खामियां दूर किए बिना वेतन कटौती गलत, DPI घेराव करेंगे
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा कि VSK ऐप वर्तमान में तकनीकी समस्याओं से जूझ रहा है। लोकेशन, नेटवर्क और दूरी संबंधी दिक्कतों के कारण समय पर स्कूल पहुंचने वाले शिक्षकों की भी उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। यदि तकनीकी खामियों के बावजूद वेतन कटौती की गई तो सभी जिलों में ज्ञापन सौंपे जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर DPI का घेराव किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन
संजय शर्मा ने पूछा- क्या अब ऑफलाइन उपस्थिति पंजी की कोई मान्यता नहीं?
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि VSK ऐप की तकनीकी त्रुटियों को दूर किए बिना वेतन काटने का आदेश पूरी तरह गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब स्कूलों में रखी जाने वाली शिक्षक उपस्थिति पंजी की कोई वैधानिक मान्यता नहीं रह गई है?एसोसिएशन ने मांग की कि किसी भी शिक्षक का वेतन रोकने से पहले विद्यालय की उपस्थिति पंजी का भौतिक सत्यापन किया जाए। संगठन ने पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने की मांग करते हुए कहा कि ऐप की तकनीकी खराबी का खामियाजा शिक्षकों को नहीं भुगतना चाहिए।
संयुक्त शिक्षक संघ
केदार जैन बोले- VSK के नाम पर तानाशाही बर्दाश्त नहीं, DPE/DPI का होगा घेराव
छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने शिक्षा विभाग पर शिक्षकों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में शिक्षकों का ध्यान पढ़ाई पर होना चाहिए, लेकिन विभाग तकनीकी रूप से असफल ऐप के जरिए अनावश्यक दबाव बना रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी शिक्षक का वेतन रोका गया या काटा गया तो संयुक्त शिक्षक संघ DPI/DPE कार्यालय का घेराव करेगा। संघ ने यह भी कहा कि निजी मोबाइल, इंटरनेट खर्च और लोकेशन ट्रैकिंग से शिक्षकों की निजता प्रभावित हो रही है।
शालेय शिक्षक संघ
वीरेंद्र दुबे बोले- विभाग की गलती की सजा शिक्षक क्यों भुगतें, CM निवास घेरेंगे
शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि VSK ऐप की तकनीकी खामियों के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं होने को शिक्षक की अनुपस्थिति नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षक तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अविश्वसनीय व्यवस्था के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई स्वीकार नहीं करेंगे।
संघ ने मांग की कि विद्यालय की उपस्थिति पंजी को वैध प्रमाण माना जाए, दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए और किसी भी कार्रवाई से पहले वास्तविक सत्यापन अनिवार्य किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वेतन कटौती हुई तो संगठन मुख्यमंत्री निवास घेराव सहित बड़े आंदोलन का ऐलान करेगा।
शिक्षक संगठनों की मांगें
• VSK ऐप की तकनीकी खामियां तत्काल दूर की जाएं।
• केवल ऐप के आधार पर किसी भी शिक्षक का वेतन न रोका जाए।
• विद्यालय की ऑफलाइन उपस्थिति पंजी को वैध प्रमाण माना जाए।
• पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाए।
• नेटवर्क प्रभावित क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए।
• किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले वास्तविक उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाए।
बढ़ सकता है आंदोलन
VSK ऐप को लेकर प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख शिक्षक संगठनों के एक सुर में विरोध दर्ज कराने से यह मुद्दा अब बड़ा आंदोलन बनता दिखाई दे रहा है। अलग-अलग संगठनों ने ज्ञापन, DPI/DPE घेराव, मुख्यमंत्री निवास घेराव और प्रदेशव्यापी प्रदर्शन जैसी चेतावनियां दी हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग शिक्षक संगठनों की मांगों पर क्या फैसला लेते हैं।



















