गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के शिक्षक भर्ती घोटाले की गूंज एक बार फिर सुनायी देने लगी है। कलेक्टर की तरफ से शिक्षकों की रिपोर्ट तलब किये जाने के बाद हड़कंप मचा है। दरअसल गरियाबंद जिले में वर्ष 2005 से 2007 के बीच मैनपुर विकासखंड में हुई शिक्षाकर्मी भर्ती एक बार फिर चर्चा में है। भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर फर्जी अंकसूची, संदिग्ध अनुभव प्रमाण-पत्र, फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र और अन्य जाली दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने के आरोपों की जांच तेज कर दी गई है।
कलेक्टर बी.एस. उइके ने मंगलवार को आयोजित टीएल (समय-सीमा) बैठक में संबंधित अधिकारियों से उस अवधि में नियुक्त सभी शिक्षाकर्मियों की सूची दो दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
फर्जी दस्तावेज मिले तो होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में किसी भी शिक्षक द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर नियुक्ति प्राप्त करना प्रमाणित होता है, तो उसके खिलाफ सेवा नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संभावित कार्रवाई में शामिल हैं—
• सेवा समाप्ति
• वेतन की वसूली
• नियमानुसार कानूनी कार्रवाई
• फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र या अन्य जाली दस्तावेजों के मामलों में कठोर दंडात्मक कार्रवाई
पहले भी हो चुकी है जांच
मामले की पड़ताल में सामने आया है कि इस भर्ती प्रक्रिया की जांच वर्षों पहले भी की जा चुकी है।
• जांच प्रतिवेदन के आधार पर 102 शिक्षकों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।
• वहीं 111 शिक्षकों के नाम अब भी जांच रिपोर्ट में शामिल बताए गए हैं, जिनकी जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया लंबित है।
मैनपुर और फिंगेश्वर ब्लॉक के कई शिक्षकों के नाम जांच सूची में
जांच रिपोर्ट में मैनपुर और फिंगेश्वर विकासखंड के कई शिक्षकों के नाम दर्ज हैं। आरोपों में फर्जी अंकसूची, संदिग्ध अनुभव प्रमाण-पत्र, फर्जी डिग्री, संदिग्ध दिव्यांग प्रमाण-पत्र, कम आयु में नियुक्ति और अन्य दस्तावेजी अनियमितताएं शामिल हैं।
दो दिन में मांगी पूरी रिपोर्ट
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2005-07 के दौरान नियुक्त सभी शिक्षाकर्मियों का रिकॉर्ड और सूची दो दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले पर अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट और प्रशासन द्वारा की जाने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।



















