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शिक्षिका निलंबित: शिक्षिका ने बच्चों से कराया टोटका, सोने की बाली के लिए फैलाया अंधविश्वास, DEO ने किया तत्काल निलंबित

जांजगीर-चांपा के बलौदा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला काठापाली में बच्चों से कथित टोटका कराने और अंधविश्वास फैलाने के आरोप में सहायक शिक्षिका गीता कुम्भकार को डीईओ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

August 3, 2026 2:57 AM
जांजगीर के स्कूल में शिक्षिका पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप
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Teacher Suspend : कान की बाली गुम होने पर छात्रों से टोटका कराने व कसम दिलाने वाली शिक्षिका पर गाज गिर गयी है। शिक्षिका को विभाग ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मामला छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला काठापाली का है।

जहां पदस्थ सहायक शिक्षिका (एलबी) गीता कुम्भकार को बच्चों के बीच अंधविश्वास फैलाने के गंभीर आरोप में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में शिक्षिका का आचरण शासकीय विद्यालयों में वैज्ञानिक सोच और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत पाया गया।

सोने की बाली गुम होने के बाद शुरू हुआ पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई को स्कूल परिसर में शिक्षिका गीता कुम्भकार की सोने की बाली (ईयररिंग) कहीं गुम हो गई। आरोप है कि बाली की तलाश के बजाय उन्होंने स्कूल के बच्चों को एक जगह इकट्ठा कर लाल कपड़ा, पीला धागा, नारियल और चावल मंगवाकर कथित तौर पर टोटका कराया।

इतना ही नहीं, बच्चों से यह भी कहा गया कि यदि किसी को बाली के बारे में जानकारी है और वह नहीं बताएगा तो उसे पेट दर्द, तेज बुखार या अन्य अनहोनी का सामना करना पड़ सकता है। इस कथित घटना से छोटे-छोटे बच्चे डर गए और घर पहुंचकर उन्होंने पूरी बात अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद गांव में आक्रोश फैल गया।

बीईओ जांच में आरोप सही पाए गए

मामले की शिकायत मिलने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बलौदा ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि शिक्षिका द्वारा अपनाया गया तरीका शासकीय विद्यालयों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उद्देश्य के विपरीत है और इससे बच्चों में भय एवं अंधविश्वास का माहौल बना।

नोटिस का जवाब नहीं देने पर डीईओ की कार्रवाई

जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। विभाग के अनुसार, निर्धारित समय सीमा में कोई संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत गीता कुम्भकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलौदा निर्धारित किया गया है।

विभाग ने क्या कहा?

डीईओ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शासकीय विद्यालयों में इस प्रकार का कृत्य वैज्ञानिक सोच, संवैधानिक मूल्यों और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा के अनुरूप नहीं है। आदेश में इसे विभाग की छवि धूमिल करने वाला गंभीर कदाचार माना गया है, जिसके चलते तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।


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