रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति (संलग्नीकरण) समाप्त होने के बाद जिला और विकासखंड स्तर के शिक्षा कार्यालयों में गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की कमी सामने आने लगी है। इस स्थिति को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को पत्र जारी कर आवश्यकतानुसार स्थानांतरण प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ की ओर से 29 जुलाई 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी, कार्यालय एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी के कारण पहले स्कूलों में पदस्थ शिक्षकीय कर्मचारियों का कार्यालयीन व्यवस्था के तहत संलग्नीकरण किया गया था। अब प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद कई कार्यालयों में गैर शैक्षणिक कर्मचारियों का अभाव हो गया है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की कमी बनी बड़ी समस्या
डीपीआई ने पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में लिपिक एवं भृत्य जैसे गैर शैक्षणिक कर्मचारी कई कार्यालयों में उपलब्ध नहीं हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण नियमित कार्यालयीन कार्यों के संचालन में परेशानी आ रही है और विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है।
स्थानांतरण प्रस्ताव भेजने के निर्देश
डीपीआई ने सभी संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि जहां गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहां स्वीकृत सेटअप के अनुरूप लिपिक एवं भृत्य के स्थानांतरण के प्रस्ताव तैयार कर संचालनालय को भेजे जाएं। इन प्रस्तावों के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते आवश्यक स्थानांतरण नहीं किए गए तो जिला और विकासखंड स्तर के कार्यालयों में फाइलों के निपटारे, वेतन, पेंशन, सेवा पुस्तिका और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ सकता है।
पत्र की प्रमुख बातें
• 29 जुलाई 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किया।
• सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश।
• प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद कार्यालयों में गैर शैक्षणिक स्टाफ की कमी।
• लिपिक और भृत्य के स्वीकृत पदों के अनुसार स्थानांतरण प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
• उद्देश्य कार्यालयों के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाए रखना है।



















