रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में प्रस्तावित 5000 शिक्षकीय पदों पर भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव आर.पी. वर्मा द्वारा 3 अगस्त 2026 को जारी आदेश में लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर सहमति जताई गई है।
इस निर्णय के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) वर्ग के सहायक शिक्षक पद के अभ्यर्थियों को डी.एड. (D.Ed.) और टीईटी (TET) की अनिवार्यता में छूट देकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
आदेश के अनुसार, यह छूट विभाग के 10 जनवरी 2013 के राजपत्र के प्रावधानों के अनुरूप दी जाएगी। अब ऐसे पात्र अभ्यर्थी CGSSB (छत्तीसगढ़ व्यापम/भर्ती बोर्ड) के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे।
क्या है PVTG?
PVTG (Particularly Vulnerable Tribal Group) का अर्थ है विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह। भारत सरकार ने अनुसूचित जनजातियों में ऐसे समुदायों की पहचान की है जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सबसे अधिक पिछड़े हैं। छत्तीसगढ़ में रहने वाली कुछ जनजातियां PVTG श्रेणी में आती हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
- अबूझमाड़िया
- बैगा
- बिरहोर
- पहाड़ी कोरवा
- कमार
जैसी जनजातियां शामिल हैं।
इन समुदायों के लोगों तक शिक्षा और सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सरकार समय-समय पर विशेष प्रावधान और छूट प्रदान करती है।
D.Ed. और TET में क्यों दी गई छूट?
इन जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधाएं सीमित होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी D.Ed. या TET की अनिवार्य योग्यता पूरी नहीं कर पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें भर्ती प्रक्रिया में अवसर देने के लिए यह विशेष छूट दी है।
इससे दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षक बनने का मौका मिलेगा और उन इलाकों में स्थानीय भाषा और संस्कृति से परिचित शिक्षकों की नियुक्ति आसान होगी।
आदेश में क्या कहा गया?
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने सहमति व्यक्त कर दी है। इसके तहत PVTG वर्ग के सहायक शिक्षक अभ्यर्थियों को D.Ed. और TET में छूट देते हुए 5000 शिक्षकीय पदों की भर्ती के लिए CGSSB के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने की प्रशासनिक अनुमति प्रदान की गई है।



















