रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षक और कर्मचारियों का प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी रहा। राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी एकत्र होकर नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, सेवा सुरक्षा और शासकीय सुविधाओं सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव कर रहे हैं। संघ का दावा है कि प्रदेशभर से करीब 8 हजार शिक्षक और कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव ने कहा कि यह आंदोलन किसी सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों को न्याय और सम्मान दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उनका कहना है कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों में लंबे समय से कार्यरत हजारों शिक्षक आज भी कम मानदेय, असुरक्षित नौकरी और भविष्य की अनिश्चितता के बीच काम करने को मजबूर हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि वे निश्चिंत होकर विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।
आंदोलन के दौरान संघ ने सरकार के समक्ष अपनी पांच प्रमुख मांगें रखीं—
- संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
- कार्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप उचित वेतनमान एवं मानदेय में वृद्धि की जाए।
- प्रत्येक वर्ष वार्षिक वेतन वृद्धि का प्रावधान लागू किया जाए।
- स्वास्थ्य बीमा, पेंशन, अवकाश और सेवा सुरक्षा जैसी शासकीय सुविधाएं प्रदान की जाएं।
- सेवा शर्तों में सुधार कर सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
धरना स्थल पर मौजूद शिक्षकों ने कहा कि वे लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।



















