रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक संविलियन से जुड़े मामलों की एक बार फिर समीक्षा शुरू हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों और संभागीय संयुक्त संचालकों को पत्र जारी कर व्याख्याता पंचायत (एलबी) पद पर हुए त्रुटिपूर्ण संविलियन के मामलों में संशोधन प्रस्ताव मांगा है।
विभाग के अनुसार, विभिन्न जिलों से शिकायतें मिली हैं कि टी (T) संवर्ग के शिक्षकों का संविलियन ई (E) संवर्ग के स्कूलों में और ई संवर्ग के शिक्षकों का संविलियन टी संवर्ग के स्कूलों में कर दिया गया है। इसे शासन के पूर्व निर्देशों के विपरीत माना गया है।

शासन के 2018 के आदेश का दिया गया हवाला
लोक शिक्षण संचालनालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि 12 मार्च 2018 और 30 जून 2018 को जारी शासन के निर्देशों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन पूर्व संचालित स्कूलों में पदस्थ शिक्षक (पंचायत/नगरीय निकाय) का संविलियन उसी संवर्ग के अंतर्गत किया जाना था।पत्र में कहा गया है कि जहां ई संवर्ग के शिक्षक पूर्व संचालित शालाओं में कार्यरत थे, उनका संविलियन ई संवर्ग में ही होना चाहिए था, जबकि टी संवर्ग के शिक्षकों का संविलियन टी संवर्ग में किया जाना था।
गलत संविलियन के मामलों की होगी समीक्षा
संचालनालय ने सभी जिलों से कहा है कि ऐसे सभी मामलों की जांच कर त्रुटिपूर्ण संविलियन संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके लिए निर्धारित प्रारूप में पूरी जानकारी 10 अगस्त 2026 तक संचालनालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
समय पर प्रस्ताव नहीं भेजने पर नहीं होगा विचार
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 10 अगस्त तक संबंधित प्रकरण संचालनालय को प्राप्त नहीं होते हैं, तो बाद में आने वाले प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी जिला अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
शिक्षा विभाग को कई जिलों से शिकायतें मिली थीं कि संविलियन के दौरान कुछ शिक्षकों को गलत संवर्ग में शामिल कर दिया गया। इससे उनकी सेवा पुस्तिका, कैडर और भविष्य की पदोन्नति सहित अन्य प्रशासनिक मामलों में परेशानी की आशंका है। अब विभाग इन त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।


















