Teacher TET News। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर एक बार फिर TET (Teacher Eligibility Test) का मुद्दा गरमा गया है। शिक्षा विभाग के रुख के बाद पदोन्नत शिक्षकों में अब डिमोशन की आशंका को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पदोन्नति के बाद पोस्टिंग और पदांकन की प्रक्रिया पूरी करने से पहले संबंधित शिक्षकों को निर्धारित TET योग्यता साबित करनी होगी।
इसी कड़ी में बेमेतरा जिले से जारी आदेश ने शिक्षकों की चिंता और बढ़ा दी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने पदोन्नत शिक्षकों से TET की अंकसूची और सर्विस बुक की प्रमाणित प्रति मांगी है। इसके लिए शिक्षकों को तीन दिन का समय दिया गया है।
प्रमोशन के बाद अब TET की होगी जांच
जानकारी के मुताबिक, बेमेतरा जिले में सहायक शिक्षक एलबी प्रशिक्षित से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के पद पर पदोन्नति का आदेश जारी हो चुका है। अब इन पदोन्नत शिक्षकों की काउंसिलिंग के माध्यम से पदांकन किया जाना है।
लेकिन पदांकन से पहले शिक्षा विभाग ने पदोन्नत शिक्षकों की निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत शिक्षकों को अपनी TET योग्यता का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
बेमेतरा DEO की ओर से जारी निर्देश में 10 अगस्त 2026 को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग का हवाला देते हुए संबंधित शिक्षकों की सूची जारी की गई है। आदेश के मुताबिक, पदोन्नत शिक्षकों को TET की अंकसूची और सर्विस बुक की सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध करानी होगी।
तीन दिन में दस्तावेज जमा करने के निर्देश
बेमेतरा जिले में पदोन्नत प्रधान पाठकों से निर्धारित दस्तावेज तीन दिनों के भीतर जमा करने को कहा गया है। इसके बाद ही पदांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
शिक्षकों के बीच इस निर्देश को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि कोई शिक्षक निर्धारित TET योग्यता पूरी नहीं करता है, तो उसकी पदोन्नति और आगे की पोस्टिंग पर क्या असर पड़ेगा। इसी वजह से TET को लेकर शिक्षकों में असमंजस और बेचैनी बढ़ गई है।
DPI ने सभी जिलों को दिए निर्देश
दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से हाल ही में हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और संयुक्त संचालकों (JD) को पदोन्नति प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग की ओर से कहा गया है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप निर्धारित योग्यता के आधार पर ही पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाए।
इसके तहत प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक पद के लिए संबंधित शिक्षक के पास:
हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण योग्यता
प्राथमिक स्तर का TET उत्तीर्ण
D.El.Ed की योग्यता
होना आवश्यक बताया गया है।
वहीं मिडिल स्कूल शिक्षक पद के लिए:
स्नातक उत्तीर्ण
मिडिल स्कूल स्तर का TET उत्तीर्ण
B.Ed या D.El.Ed
की योग्यता आवश्यक बताई गई है।
TET नहीं तो प्रमोशन पर क्या होगा असर?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन शिक्षकों का प्रमोशन हो चुका है, लेकिन वे निर्धारित TET योग्यता पूरी नहीं करते हैं, उनके पदोन्नति आदेश और पदांकन का क्या होगा?
बेमेतरा में TET की अंकसूची और सर्विस बुक की प्रमाणित प्रति मांगे जाने के बाद यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है। शिक्षकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि TET की अनिवार्य योग्यता पूरी नहीं करने वाले पदोन्नत शिक्षकों को पदावनति या प्रमोशन निरस्त होने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, अंतिम स्थिति संबंधित नियमों और सक्षम स्तर से जारी होने वाले आदेश पर निर्भर करेगी।

प्रमोशन का अंतिम दिशा निर्देश जिला और संभाग स्तर से
महत्वपूर्ण बात यह है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान DPI स्तर से प्रमोशन को लेकर किसी नए औपचारिक आदेश को जारी करने से इनकार किया गया है।
बताया गया है कि पदोन्नति के संबंध में जो भी औपचारिक आदेश जारी होंगे, वे जिला या संभाग स्तर से जारी किए जाएंगे। ऐसे में अब अलग-अलग जिलों से जारी होने वाले आदेशों पर शिक्षकों की नजर बनी हुई है।
बेमेतरा से TET दस्तावेज मांगे जाने के बाद दूसरे जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई होने की संभावना को लेकर शिक्षक सतर्क हो गए हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि अन्य जिलों में पदोन्नत शिक्षकों की TET योग्यता की जांच किस तरह की जाती है और इसका प्रमोशन व पदांकन पर क्या असर पड़ता है।



















