धमतरी। तिहरे हत्याकांड के दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है। ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, धमतरी की अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। न्यायालय ने मामले के पांचों वयस्क आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। करीब एक साल के भीतर आए इस फैसले को पुलिस की त्वरित विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से जोड़कर देखा जा रहा है।
मामूली विवाद के बाद हुआ था हमला
पूरा मामला 11 अगस्त 2025 की रात करीब 11:20 बजे का है। भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास आरोपियों और तीन युवकों के बीच मामूली विवाद को लेकर गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई थी। विवाद बढ़ने के बाद मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने धारदार चाकू से तीन युवकों पर हमला कर दिया।
इस हमले में आलोक सिंह ठाकुर, नितीन टांडी और सुरेश हियाल गंभीर रूप से घायल हुए थे। चोटें इतनी गंभीर थीं कि तीनों की मौत हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही अर्जुनी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की और घटना में इस्तेमाल धारदार हथियार भी बरामद किया।
आठ आरोपी सामने आए, तीन नाबालिग
जांच के दौरान मामले में कुल आठ आरोपियों की पहचान हुई। इनमें पांच वयस्क आरोपी थे, जबकि तीन विधि से संघर्षरत बालक थे। नाबालिग आरोपियों के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष नियमानुसार कार्रवाई की गई।वहीं, पांच वयस्क आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण चलाया गया।
दोषसिद्ध किए गए आरोपियों में शामिल हैं—
• गोपी दीवान (20)
• कुलेश्वर नेताम (25)
• रणवीर कुमार साहू (20)
• कमलेश ध्रुव (19)
• गौतम दीवान (22)
मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास
न्यायालय ने मुख्य आरोपी गोपी दीवान को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 सहपठित धारा 190 के तहत आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके अलावा अन्य धाराओं के तहत भी अलग-अलग सजा और अर्थदंड लगाया गया है।न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
हथियार और अन्य साक्ष्य बने अहम कड़ी
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ घटना में इस्तेमाल धारदार हथियार भी बरामद किया गया। पुलिस ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया।अभियोजन की ओर से इन साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पांचों वयस्क आरोपियों को दोषी माना और कठोर सजा सुनाई।
विवेचना टीम को मिलेगा पुरस्कार
मामले की जांच में तत्कालीन अर्जुनी थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी, साक्ष्य जुटाने और विवेचना को आगे बढ़ाने में टीम ने काम किया।पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने विवेचना टीम के कार्य की सराहना करते हुए उसे पुरस्कृत करने की बात कही है।
एसपी ने कहा कि गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई के साथ मजबूत विवेचना और न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है। इस मामले में पुलिस की विवेचना और अभियोजन की पैरवी के चलते करीब एक वर्ष के भीतर दोषियों को कठोर सजा मिली है।
धमतरी पुलिस ने कहा कि गंभीर और जघन्य अपराधों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अपराधियों को कानून के दायरे में लाकर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस पूरी प्रतिबद्धता से काम करेगी।



















