रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठता के आधार पर बिना TET के पदोन्नति और पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पेंशन लाभ देने सहित शिक्षकों से जुड़े प्रमुख मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन किया गया है। मोर्चा की ओर से 18 अगस्त को शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और DPI संचालक को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे और केदार जैन की वर्चुअल बैठक में शिक्षक संघर्ष मोर्चा के गठन का फैसला लिया गया। मोर्चा में शिक्षकों के हित से जुडेक विभिन्न मुद्दों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में 16 अगस्त 2026 को विचार एवं समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
पदोन्नति में TET की अनिवार्यता हटाने की मांग
शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि समस्त स्तर के पदों पर पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता को समाप्त किया जाना चाहिए। मोर्चा ने इसे भर्ती एवं पदोन्नति नियम के विपरीत बताते हुए संबंधित निर्देश को वापस लेने की मांग की है।मोर्चा की ओर से कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2028 तक दी गई छूट के अनुसार शिक्षकों को उनकी वरिष्ठता के आधार पर रिक्त पदों पर पदोन्नति दी जानी चाहिए।
इन पांच मुद्दों पर रहेगा विशेष फोकस
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने पांच प्रमुख मांगों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया है।
1. बिना TET वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति:
व्याख्याता, शिक्षक, प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला और प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के समस्त रिक्त पदों पर TET की शर्त के बिना वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की जाए।
2. पूर्व सेवा अवधि की गणना:
शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को पूर्ण पेंशन लाभ के लिए गणना में शामिल किया जाए।
3. वेतन विसंगति दूर करने की मांग:
केंद्रीय वेतनमान के आधार पर छत्तीसगढ़ के शिक्षकों का वेतन निर्धारण कर वेतन विसंगति को दूर किया जाए।
4. 13 फरवरी 2026 के भर्ती-पदोन्नति नियम को निरस्त करने की मांग:
मोर्चा ने 13 फरवरी 2026 को जारी नए भर्ती एवं पदोन्नति नियम को विसंगतियुक्त बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की है।
5. B.Ed के लिए ब्रिज कोर्स:
प्रशिक्षित सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याताओं के लिए विभागीय स्तर पर B.Ed हेतु ब्रिज कोर्स कराया जाए।
18 अगस्त को शिक्षा मंत्री और अधिकारियों को देंगे ज्ञापन
मोर्चा की ओर से तय किया गया है कि 18 अगस्त 2026 को शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और DPI को ज्ञापन सौंपकर इन मांगों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि ज्ञापन में शिक्षकों से जुड़े अन्य आवश्यक और ज्वलंत विषयों को भी शामिल किया जाएगा।
वर्चुअल बैठक में संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन, सुधीर प्रधान, गिरजाशंकर शुक्ला, देवनाथ साहू, धर्मेश शर्मा, चंद्रशेखर तिवारी, संतोष तांडे और जितेंद्र शर्मा सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।
मोर्चा के गठन से लंबे समय से पदोन्नति, पेंशन और वेतन विसंगति जैसे मुद्दों को लेकर मांग कर रहे शिक्षकों को एक साझा मंच मिलने की उम्मीद है।



















