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“स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति के लिए देना होगा 400 रुपये” छात्रों से वसूली का आया अनूठा मामला

स्वामी आत्मानंद स्कूल में शिक्षकों की कमी के बीच 548 छात्रों से 400-400 रुपये लेने का मामला सामने आया है। जानिए पूरा मामला और शिक्षा विभाग का क्या कहना है।

August 16, 2026 4:34 AM
बालोद स्कूल में छात्रों से 400 रुपये वसूली
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बालोद। शिक्षा विभाग को शिक्षकों को सैलरी देने के लिए क्या पैसा नहीं है ? क्या मानदेय भुगतान के लिए छात्रों से ही राशि वसूली जायेगी? अगर ऐसा नहीं, तो फिर बालोद में जो मामला आया है, वो क्या है?  छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से शिक्षा व्यवस्था को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। डौंडीलोहारा विकासखंड के अछोली स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में शिक्षकों की कमी के बीच विद्यार्थियों से 400-400 रुपये लिए जाने की बात सामने आई है।

बताया जा रहा है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए दो शिक्षकों को मानदेय पर रखने की व्यवस्था की गई है और इसी के लिए छात्रों से राशि जुटाई जा रही है। राशि लेने के बाद बाकायदा रसीद भी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

548 विद्यार्थियों से 400 रुपये लेने का मामला

अछोली के स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 548 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत सामने आने के बाद शाला विकास समिति और स्कूल प्रबंधन की सहमति से दो शिक्षकों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।

बताया गया है कि दोनों शिक्षकों को करीब 6-6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रत्येक विद्यार्थी से 400 रुपये लिए जा रहे हैं। यदि 548 विद्यार्थियों से 400 रुपये लिए जाते हैं तो कुल राशि करीब 2 लाख 19 हजार 200 रुपये होती है। वहीं, दो शिक्षकों को 10 महीने तक 6-6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने पर करीब 1 लाख 20 हजार रुपये खर्च होंगे। इसी अंतर को लेकर अब पालक और छात्र सवाल उठा रहे हैं।

गरीब परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी

छात्रों से राशि लिए जाने को लेकर कुछ पालक और विद्यार्थी विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल है। ऐसे में शिक्षकों की व्यवस्था के नाम पर प्रत्येक छात्र से 400 रुपये लेना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।वहीं, शाला विकास समिति के अध्यक्ष की ओर से कहा गया है कि जिन पालकों को राशि देने में आपत्ति है या जो जमा की गई रकम वापस लेना चाहते हैं, उन्हें राशि वापस कर दी जाएगी।

दो महीने बाद भी शिक्षकों की कमी दूर नहीं

स्कूल खुले करीब दो महीने का समय बीत चुका है, लेकिन शिक्षकों की कमी का समाधान नहीं होने का आरोप है। इसी बीच छात्रों से राशि जुटाकर शिक्षकों को मानदेय देने की व्यवस्था किए जाने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे ने कहा है कि यदि छात्रों से गलत तरीके से राशि की वसूली की जा रही है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या शिक्षकों की कमी दूर करने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और छात्रों से राशि जुटाकर पूरी की जा सकती है? जिला शिक्षा अधिकारी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छात्रों से ली गई राशि की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी या नहीं।

 

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