रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, TET, वेतन विसंगति और पुरानी सेवा की गणना का मुद्दा अब आंदोलन के अगले चरण में पहुंच गया है। शिक्षक संगठनों ने आज 17 अगस्त से आंदोलन को जमीन पर तेज करने का ऐलान किया है। इसी कड़ी में आज बेमेतरा में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय का घेराव किया जा रहा है। दरअसल बेमेतरा ही पहला जिला था, जहां TET बिना प्रमोशन नहीं का पहला आदेश जारी हुआ था।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को शासन और शिक्षा विभाग के सामने रखा जा रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से प्रदेशव्यापी बनाने का फैसला लिया गया है। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, नवीन शिक्षक संघ और सर्व शिक्षक संघ सहित शिक्षक संगठनों ने आगे के आंदोलन को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है।
आज बेमेतरा DEO कार्यालय में हल्ला बोल
शिक्षकों के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त को बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जा रहा है। यह प्रदर्शन सेवा सुरक्षा से जुड़े आदेश और शिक्षकों की अन्य मांगों को लेकर किया जा रहा है।शिक्षक संगठनों ने संकेत दिया है कि बेमेतरा का प्रदर्शन केवल शुरुआत है। इसके बाद आंदोलन को ब्लॉक, जिला और फिर प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
क्या है शिक्षकों की प्रमुख मांग?
शिक्षक संगठनों की मांगों में सबसे प्रमुख सेवा सुरक्षा है। इसके साथ ही सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और प्रथम नियुक्ति/पूर्व सेवा की गणना करते हुए पुरानी पेंशन समेत विभागीय स्तर पर मिलने वाले सभी लाभ दिए जाने की मांग शामिल है।इसके अलावा TET को लेकर भी शिक्षकों के बीच असंतोष बना हुआ है। संगठनों का कहना है कि शिक्षकों से जुड़े सेवा और भर्ती संबंधी मुद्दों का समाधान स्पष्ट नीति के साथ किया जाना चाहिए।
22 अगस्त को सभी ब्लॉक में प्रदर्शन
बेमेतरा के बाद आंदोलन का अगला बड़ा चरण 22 अगस्त को होगा। शिक्षक संगठनों के मुताबिक प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक दिवसीय धरना, रैली और प्रदर्शन किया जाएगा।इस दौरान संबंधित अधिकारियों को शिक्षकों की मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा जाएगा। यानी आंदोलन अब केवल किसी एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे ब्लॉक स्तर तक ले जाने की तैयारी है।
29 अगस्त को 33 जिलों में रैली-धरना
आंदोलन के तीसरे चरण में 29 अगस्त को प्रदेश के सभी 33 जिलों में रैली और धरना प्रदर्शन प्रस्तावित है।शिक्षक संगठनों की रणनीति है कि जिला स्तर के प्रदर्शन के जरिए सरकार तक एक साथ प्रदेशभर के शिक्षकों की आवाज पहुंचाई जाए।
30 अगस्त से सोशल मीडिया पर भी मोर्चा
सड़क पर आंदोलन के साथ शिक्षक अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियान चलाएंगे। 30 अगस्त से 4 सितंबर तक सोशल मीडिया अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई है।इस अभियान के जरिए मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, राज्य सरकार और शिक्षा विभाग तक शिक्षकों की मांगों को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
5 सितंबर पर टिकी नजर, शिक्षक दिवस पर सरकार से सौगात की उम्मीद
आंदोलन की पूरी रणनीति में 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस को महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। शिक्षक संगठनों को उम्मीद है कि इस दिन सरकार सेवा सुरक्षा सहित शिक्षकों की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस घोषणा कर सकती है। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक मनीष मिश्रा ने कहा है कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के सम्मान का दिन है और सरकार को इसी दिन शिक्षकों के हित में ठोस निर्णय लेना चाहिए।उनका कहना है कि शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाया जाएगा।
9 सितंबर से आर-पार की लड़ाई!
शिक्षक संगठनों ने साफ कर दिया है कि 5 सितंबर तक सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं हुई तो 9 सितंबर से आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा।रणनीति के अनुसार अलग-अलग संभागों के शिक्षक मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आवास तक पदयात्रा करेंगे।बिलासपुर और सरगुजा संभाग के शिक्षक कुनकुरी में मुख्यमंत्री निवास तक पदयात्रा करेंगे, जबकि बस्तर, दुर्ग और रायपुर संभाग के शिक्षक दुर्ग में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के आवास तक पदयात्रा करेंगे।
‘सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा’ से बढ़ेगा दबाव
शिक्षक संगठनों ने इस आंदोलन को ‘सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा’ नाम दिया है। इसमें मुख्यमंत्री के पैतृक क्षेत्र बगिया कैंप, जशपुर और शिक्षा मंत्री के दुर्ग स्थित आवास तक पदयात्रा की योजना है।संगठनों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और संबंधित स्थानों पर धरना देकर सरकार से समाधान की मांग की जाएगी।
तीन शिक्षक संगठन, एक साझा रणनीति
इस आंदोलन में सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, नवीन शिक्षक संघ और सर्व शिक्षक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण है। संगठनों का जोर इस बात पर है कि सेवा सुरक्षा और अन्य लंबित मांगों को लेकर शिक्षक एकजुट होकर सरकार के सामने अपनी बात रखें।संगठनों का कहना है कि अब तक अलग-अलग स्तर पर मांगों को रखने के बाद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि सरकार को हर स्तर पर समाधान का अवसर मिले।
आज से शुरू हुआ आंदोलन का नया चरण
तारीख आंदोलन का कार्यक्रम
17 अगस्त बेमेतरा DEO कार्यालय का घेराव
22 अगस्त सभी ब्लॉक में धरना, रैली और ज्ञापन
29 अगस्त प्रदेश के 33 जिलों में रैली और धरना
30 अगस्त–4 सितंबर सोशल मीडिया अभियान
5 सितंबर शिक्षक दिवस, सरकार की घोषणा का इंतजार
9 सितंबर निर्णायक आंदोलन और सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा
यानी आज 17 अगस्त से शिक्षकों का आंदोलन सड़क पर उतर चुका है। अब नजर 22 अगस्त के ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन, 29 अगस्त के प्रदेशव्यापी जिला प्रदर्शन और सबसे ज्यादा 5 सितंबर के शिक्षक दिवस पर रहेगी। यदि इस बीच सरकार की ओर से सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति, पुरानी सेवा की गणना और अन्य मांगों पर ठोस फैसला नहीं आता है, तो 9 सितंबर से आंदोलन के और उग्र होने के संकेत हैं।


















