रायपुर। छत्तीसगढ़ में TET की अनिवार्यता और शिक्षकों की वेतन विसंगति को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच बुधवार देर रात एक अहम घटनाक्रम सामने आया। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। करीब 11:30 बजे हुई इस बैठक में TET, वेतन विसंगति और पदोन्नति में TET की अनिवार्यता समेत कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे गए।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक मनीष मिश्रा और जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में करीब 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की मांगें सरकार के संज्ञान में हैं और इन पर संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा कर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
वेतन विसंगति पर मुख्यमंत्री ने दोहराई प्रतिबद्धता
बैठक में फेडरेशन ने सबसे पहले शिक्षकों की वेतन विसंगति का मुद्दा उठाया। जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगों में शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि वेतन विसंगति का मुद्दा मोदी की गारंटी में शामिल रहा है।शिक्षकों की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार इस मांग से अवगत है। उन्होंने अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा करने और इसके समाधान की दिशा में जल्द पहल किए जाने की बात कही।

TET को लेकर शिक्षकों की चिंता पर CM ने दिया जवाब
बैठक में फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक मनीष मिश्रा ने TET अनिवार्यता से शिक्षकों के सामने पैदा हुई स्थिति को मुख्यमंत्री के सामने रखा।इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले भी अजय कुमार गुप्ता से फोन पर चर्चा की थी और इसके बाद शिक्षा मंत्री को शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर समस्या का रास्ता निकालने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री के साथ शिक्षकों की हुई बैठक की जानकारी होने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार TET के मुद्दे को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश और ओडिशा में इस विषय को लेकर जो भी पहल चल रही है, उस पर छत्तीसगढ़ के अधिकारी नजर रख रहे हैं और संबंधित राज्यों से संपर्क में हैं।

80 से 85 हजार शिक्षकों के TET का आंकड़ा
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सरकार के पास फिलहाल करीब 80 से 85 हजार ऐसे शिक्षकों का आंकड़ा आया है, जिन्होंने TET उत्तीर्ण नहीं किया है।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शिक्षा विभाग के माध्यम से ही TET की परीक्षा आयोजित कराई जाए और सभी संबंधित शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण कराने की दिशा में तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि कोई भी पात्र शिक्षक TET की वजह से नौकरी से वंचित न हो, इस दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
‘TET की वजह से किसी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी’
बैठक में शिक्षकों की सबसे बड़ी चिंता नौकरी की सुरक्षा को लेकर भी सामने आई। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि TET की वजह से किसी भी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी।उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सभी संबंधित शिक्षक TET उत्तीर्ण कर सकें और इसके लिए विभाग स्तर पर तैयारी की जा रही है।यह आश्वासन ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में TET को लेकर शिक्षक संगठनों की ओर से लगातार विरोध और आंदोलन किया जा रहा है।
प्रमोशन में TET की अनिवार्यता पर भी चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने पदोन्नति में TET की अनिवार्यता का मुद्दा भी उठाया। शिक्षकों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से TET उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष 2028 तक का समय दिए जाने की बात सामने आने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया में TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों में चिंता है।इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय पर भी सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश या ओडिशा में यदि पदोन्नति को लेकर कोई व्यावहारिक पहल सामने आती है, तो छत्तीसगढ़ सरकार भी उसका अध्ययन कर प्रदेश में लागू करने पर विचार कर सकती है।

जशपुर की शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री को बांधा रक्षा सूत्र
मुख्यमंत्री के साथ हुई इस देर रात की मुलाकात का एक भावनात्मक पक्ष भी सामने आया। जशपुर से पहुंची शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को रक्षा सूत्र बांधा।इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहें। सरकार उनके हितों का ध्यान रखने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का प्रयास करेगी।
आंदोलन के बीच मुलाकात को अहम माना जा रहा
TET और वेतन विसंगति को लेकर प्रदेश में शिक्षक संगठनों की सक्रियता के बीच मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक तरफ शिक्षक TET की अनिवार्यता और पदोन्नति से जुड़े प्रावधानों को लेकर अपनी चिंताएं सरकार के सामने रख रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से दूसरे राज्यों में हो रही पहल का अध्ययन करने और विकल्प मिलने पर छत्तीसगढ़ में लागू करने की बात कही गई है।
फिलहाल शिक्षकों की नजर अब सरकार की अगली कार्रवाई पर है। खासतौर पर वेतन विसंगति के समाधान और TET को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था पर सरकार क्या निर्णय लेती है, इसे लेकर शिक्षक संगठनों में उम्मीद बनी हुई है।



















शिक्षकों से चर्चा करने के बाद CM श्री साय जी पदोन्नति, एवं वेतन विसंगति दूर कर ने के लिए , मध्य प्रदेश, उड़िसा, के सरकार पर नजर है,मानो छत्तीसगढ़ में सही, निर्णय,करने में सक्षम नहीं है नहीं विद्वान हैं कि छत्तीसगढ़ का निर्णय दुसरे राज्यों मे लागू हो। बड़ा खेल है।