जांजगीर-चांपा। महिला प्राचार्य की घूस लेते गिरफ्तारी ने शिक्षा विभाग ने परसेंटेज के खेल को उजागर कर दिया है। जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी के एवज में 25 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत तक की कटमनी का खेल चल जा रहा है।जांजगीर में शिक्षा विभाग में वेतन एरियर की राशि निकालने के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है।
बिलासपुर ACB ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला किरारी में ट्रैप कार्रवाई करते हुए महिला प्राचार्य और स्कूल के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ACB ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है।
मामले की शिकायत स्कूल में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 मनीष राठौर ने ACB बिलासपुर से की थी। शिकायत के मुताबिक नियमितीकरण के बाद वर्ष 2022 से जून 2026 तक की वेतन वृद्धि एरियर की करीब 80 हजार रुपये की राशि निकालने के एवज में प्राचार्य अंजुला सोनी ने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के अनुसार, करीब 80 हजार रुपये के एरियर के लिए मांगी गई रकम कुल राशि का लगभग 25 प्रतिशत थी। बाद में सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ। शिकायत मिलने के बाद ACB ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की।
योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता 10 हजार रुपये लेकर स्कूल पहुंचा। आरोप है कि प्राचार्य अंजुला सोनी ने रिश्वत की रकम खुद लेने के बजाय स्कूल के सहायक ग्रेड-3 विकास मसीह को देने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने जैसे ही विकास मसीह को रकम दी, पहले से तैनात ACB टीम ने दोनों को पकड़ लिया।
ACB ने रिश्वत की रकम बरामद कर ली है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की जा रही है। ACB के मुताबिक यह उसकी लगातार 56वीं ट्रैप कार्रवाई है।
इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के वेतन, एरियर और अन्य वित्तीय भुगतान से जुड़े कामों में कथित तौर पर ‘प्रतिशत’ के खेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े आरोपों की पुष्टि अब न्यायिक प्रक्रिया और जांच के दौरान होगी।
ACB की कार्रवाई के बाद प्राचार्य अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड-3 विकास मसीह को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल दाखिल किया गया है।



















