Education Minister Gajendra Yadav: शिक्षकों के संलग्नीकरण पर शिक्षामंत्री ने बड़ा बयान दिया है। शिक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि अब शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का दूसरे विभागों में अटैचमेंट नहीं किया जाएगा। अटैचमेंट की अगर जरूरत पड़ी तो ट्रांसफर या पोस्टिंग के जरिए जरूरत वाली जगह पदस्थापना की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने ये भी साफ किया है कि अगर विशेष परिस्थित आती है तो सरकार प्रस्ताव मंगाकर पदस्थापन की जाएगी।शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सुकमा पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अटैचमेंट व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि पहले 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी अपने मूल विभाग से बाहर अटैच थे, लेकिन अब बिना जरूरत के अटैचमेंट नहीं किया जाएगा। जहां वास्तव में जरूरत होगी, वहां भी अटैचमेंट के बजाय संबंधित पदों पर नई पदस्थापना और ट्रांसफर के जरिए व्यवस्था को मजबूत करने को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर ही जिला प्रशासन और कलेक्टर की अनुशंसा के आधार पर अटैचमेंट की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का प्रयास है कि कर्मचारियों की तैनाती उनकी जरूरत और पद के अनुरूप हो, ताकि विभागीय व्यवस्था बेहतर तरीके से संचालित हो सके।
अटैचमेंट की जगह जरूरत वाले पदों पर होगी पदस्थापना
मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि सिर्फ व्यवस्था चलाने के लिए कर्मचारियों को उनके मूल विभाग से बाहर अटैच करने की परंपरा को खत्म किया जाएगा। जहां किसी पद पर वास्तव में कर्मचारी की आवश्यकता है, वहां सरकार नई पदस्थापना और ट्रांसफर के माध्यम से व्यवस्था करने पर जोर देगी।
उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों की तैनाती ज्यादा व्यवस्थित होगी और जिन संस्थानों में मानव संसाधन की कमी है, वहां स्थायी तौर पर पदों को भरा जा सकेगा।
सुकमा में करीब 5 करोड़ से बनेंगे 3 नए पोटा केबिन
शिक्षा मंत्री के सुकमा दौरे के दौरान जिले में शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। सुकमा में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से तीन नए पोटा केबिन बनाए जाएंगे।
मंत्री ने स्कूलों और आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ पढ़ाई के लिए सुरक्षित और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जाए।
बंद होने की स्थिति वाले स्कूलों को मजबूत करने पर जोर
कलेक्टर कार्यालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में स्कूलों की मौजूदा इमारतों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मंत्री ने स्कूल भवनों को बेहतर बनाने के साथ उन स्कूलों को मजबूत करने पर जोर दिया, जो बंद होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों से शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर लगातार नजर रखने और विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
‘सुकमा में धीरे-धीरे खुल रहे स्कूल, बदल रहे हालात’
शिक्षा मंत्री ने सुकमा में बदलते हालात का जिक्र करते हुए कहा कि जिले में धीरे-धीरे स्कूल खुल रहे हैं और परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि कभी जिस सुकमा में आने से लोग डरते थे, आज वहां लोगों की आवाजाही बढ़ रही है।
सरकार शिक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाए।
केरलापाल में पंचायत कैफे का उद्घाटन
सुकमा दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने **केरलापाल में पंचायत कैफे का उद्घाटन** भी किया। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
सुकमा में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए पोटा केबिन, स्कूल भवनों के सुधार और मानव संसाधन की व्यवस्थित तैनाती पर सरकार का फोकस दिखाई दे रहा है। वहीं अटैचमेंट व्यवस्था को लेकर मंत्री के बयान को विभाग में लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।



















