Lady Teacher Suspend: VSK APP पर मुख्यमंत्री और कलेक्टर को चुनौती देने वाली महिला व्याख्याता पर गाज गिरी है। नोटिस के बाद अब व्याख्याता को सस्पेंड कर दिया गया है। दरअसल शिक्षिका का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जांजगीर-चांपा जिले में अटेंडेंस ऐप के विरोध में वायरल हुआ शिक्षिका का वीडियो अब कार्रवाई की वजह बन गया है। नवागढ़ विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल तुलसी में पदस्थ व्याख्याता निर्मला कोमल लहरे को लोक शिक्षण संचालनालय ने निलंबित कर दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री और कलेक्टर को लेकर कथित तौर पर अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया था। विभाग ने इसे शासकीय कर्मचारी के पद पर रहते हुए अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और कदाचरण मानते हुए कार्रवाई की है।
स्कूल में बनाई गई थी रील
दरअसल, 31 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया था। वीडियो में शिक्षिका ऑनलाइन उपस्थिति के लिए लागू अटेंडेंस ऐप को लेकर अपनी बात रखती नजर आई थीं।
विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में आरोप लगाया गया था कि वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री और कलेक्टर के संबंध में कथित तौर पर अनर्गल एवं आपत्तिजनक बातें प्रसारित की गईं। साथ ही वीडियो में किसी से नहीं डरने की बात कहे जाने का भी उल्लेख किया गया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था।
जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं
शिक्षिका से पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा गया था। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के बाद प्रस्तुत जवाब को विभाग ने असंतोषजनक माना।
इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने मामले में कार्रवाई करते हुए निर्मला कोमल लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
विभाग ने शिक्षिका के कृत्य को शासकीय कर्मचारी के पद पर रहते हुए अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं कदाचरण का प्रदर्शन मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत माना है।
निलंबन अवधि में DEO कार्यालय रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका का मुख्यालय **जांजगीर-चांपा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय** निर्धारित किया गया है।
विभागीय आदेश के बाद अब यह मामला जिले में शिक्षकों के सोशल मीडिया इस्तेमाल और सरकारी कर्मचारियों की आचरण संहिता को लेकर भी चर्चा में है।
पहले भी वायरल हुए हैं शिक्षकों से जुड़े वीडियो
जांजगीर-चांपा जिले में शिक्षकों से जुड़े सोशल मीडिया विवाद का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी स्कूलों में शिक्षकों और शिक्षिकाओं से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की चर्चा रही है।
बोड़सरा स्कूल से जुड़े वायरल वीडियो के मामले में शिक्षक-शिक्षिका पर कार्रवाई की गई थी। वहीं बलौदा ब्लॉक में एक शिक्षिका से जुड़ा कथित जादू-टोना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा था।
अब अटेंडेंस ऐप के विरोध में सामने आए वीडियो के बाद शिक्षा विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षकों के सोशल मीडिया इस्तेमाल, सार्वजनिक बयान और विभागीय आचरण को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं।
विभाग ने भेजा कड़ा संदेश
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह है कि विभाग ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को केवल व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का मामला नहीं माना, बल्कि शासकीय कर्मचारी के आचरण से जोड़कर कार्रवाई की है।
अब निलंबन आदेश के बाद विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया क्या होगी और मामले में अन्य कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।



















