अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से शादी के बाद लूटेरी दुल्हन जैसा प्रकरण आया है। हालांकि ये लूट है, ब्लैकमेलिंग है या फिर वसूली… हर एंगल पर जांच चल रही है। शादी के बाद दुल्हन के कथित ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बोढ़ीश्यामर निवासी एक परिवार ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के लखनपुर क्षेत्र के जमगाला निवासी एक परिवार पर उनके बेटे के साथ कथित तौर पर छलपूर्वक विवाह कराने और शादी के कुछ ही दिन बाद दुल्हन के जेवर व नकदी लेकर चले जाने का आरोप लगाया है।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, विवाह के महज चार दिन बाद नवविवाहिता ससुराल से जेवर लेकर चली गई। परिवार का दावा है कि इस पूरे मामले में उनके साथ करीब 1 लाख रुपये नकद और 1 लाख रुपये के जेवर की कथित ठगी हुई है। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शादी के बाद सामने आई कथित जानकारी
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिस युवती से उनके बेटे का विवाह कराया गया, वह पहले से शादीशुदा थी। परिवार का यह भी दावा है कि युवती वर्तमान में जमगाला में एक विवाहित पुरुष के साथ दूसरी पत्नी के रूप में रह रही थी।आरोप है कि इन तथ्यों की जानकारी विवाह से पहले लड़के के परिवार को नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि उन्हें विश्वास में लेकर बेटे का विवाह कराया गया और बाद में युवती के पूर्व वैवाहिक संबंधों की जानकारी सामने आई।हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
चार दिन बाद ससुराल से चली गई दुल्हन
परिवार के अनुसार विवाह के बाद युवती कुछ दिनों तक ससुराल में रही। इसके बाद शादी के करीब चार दिन बाद वह कथित तौर पर घर से जेवर लेकर चली गई।पीड़ित परिवार का आरोप है कि घर से जाते समय वह अपने साथ करीब 1 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण ले गई। परिवार ने शादी से जुड़े खर्च और नकदी को मिलाकर करीब 2 लाख रुपये की आर्थिक ठगी का आरोप लगाया है।
बहू को वापस लाने पहुंचे तो मांगे 50 हजार रुपये
पीड़ित पक्ष का दावा है कि जब परिवार के सदस्य युवती को वापस लेने उसके गांव पहुंचे तो वहां उनसे कथित तौर पर 50 हजार रुपये की मांग की गई।परिवार के अनुसार, लड़की पक्ष की ओर से कहा गया कि 50 हजार रुपये देने के बाद ही लड़की को भेजा जाएगा। इस कथित मांग के बाद मामला और विवादित हो गया।पीड़ित परिवार का कहना है कि शादी के बाद उत्पन्न परिस्थितियों और कथित पैसों की मांग से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
मामले में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के पीड़ित परिवार ने अब सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। परिवार ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।पीड़ितों का कहना है कि उनके साथ विवाह के नाम पर धोखा हुआ है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है।
जांच के बाद साफ होगी पूरे मामले की सच्चाई
फिलहाल यह मामला पीड़ित परिवार की शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। युवती और उसके परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों पर क्या पक्ष है, यह सामने आना अभी बाकी है। विवाह से जुड़े दस्तावेज, पूर्व वैवाहिक स्थिति, जेवर और नकदी से संबंधित दावों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही यह तय होगा कि विवाह के नाम पर वास्तव में धोखाधड़ी हुई थी या मामले के पीछे कोई अन्य विवाद है।



















