न्यूज हेडलाइन टॉप न्यूज छत्तीसगढ़ ब्यूरोक्रेट वेब स्टोरी/शॉर्टस क्राइम शिक्षक/कर्मचारी देश/राज्य मौसम मनोरंजन खेल/खिलाड़ी राशिफल/धर्म सेहत ऑटोमोबाइल/मोबाइल बिजनेस नौकरी/सरकारी योजनाएं

---Advertisement---

शिक्षिका-अधिकारी ने मिलकर महिला व्याख्याता को ही ठग लिया, शिक्षिका से 55 लाख की हुई ठगी, कई और शिक्षक भी बने हैं शिकार

अंबिकापुर में एएसए व्यापारिक कंपनी में निवेश के नाम पर महिला व्याख्याता से 55 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

September 20, 2026 6:49 AM
---Advertisement---11

अंबिकापुर। एक शिक्षिका लाखों रुपये ठगी का शिकार हो गयी। कमाल की बात ये है कि साथी शिक्षिका व  एक अधिकारी ने ही मिलकर ठगी की पूरी पृष्टभूमि तैयार की। मामला सरगुजा क्षेत्र का है, जहां एएसए व्यापारिक कंपनी में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा देकर अंबिकापुर की एक महिला व्याख्याता से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला को बैंकों से करीब 46.12 लाख रुपये का लोन दिलवाकर कंपनी में निवेश कराया गया।

इसके बदले बैंक की किस्त कंपनी द्वारा चुकाने और हर महीने करीब 40 हजार रुपये लाभ देने का भरोसा दिया गया था।मामले में कोतवाली पुलिस ने जिला स्काउट-गाइड अधिकारी, व्याख्याता समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सहकर्मी व्याख्याता ने कंपनी में निवेश की दी जानकारी

कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंबिकापुर में पदस्थ व्याख्याता निर्मला मिंज ने पुलिस को शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में उनके विद्यालय की ही व्याख्याता संगीता राय तिर्की ने उन्हें एएसए व्यापारिक कंपनी में पैसा निवेश करने की जानकारी दी थी। उन्हें बताया गया कि कंपनी में रकम लगाने पर अच्छा लाभ मिलेगा।इसके बाद संगीता राय तिर्की ने उनकी मुलाकात जिला स्काउट-गाइड अधिकारी योगेश विश्वकर्मा से कराई। आरोप है कि योगेश विश्वकर्मा ने भी कंपनी में निवेश के फायदे बताए और कहा कि विभागीय वेतन पर्ची के आधार पर बैंकों से आसानी से लोन लिया जा सकता है।

46 लाख रुपये से अधिक का लोन लेकर कराया निवेश

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों के झांसे में आकर निर्मला मिंज ने अलग-अलग बैंकों से कुल 46 लाख 12 हजार रुपये का लोन लिया और यह रकम कंपनी में निवेश कर दी।उन्हें बताया गया था कि लोन की मासिक किस्त कंपनी की ओर से जमा की जाएगी। साथ ही निवेश पर हर महीने करीब 40 हजार रुपये का लाभ मिलने का भरोसा भी दिया गया।निर्मला मिंज के मुताबिक, निवेश करने के बाद वह काफी समय तक इस भरोसे में रहीं कि कंपनी बैंक की किस्त जमा कर रही है।

डेढ़ साल बाद बैंक से आया नोटिस

करीब डेढ़ साल बाद जब बैंकों की ओर से लोन की किस्त जमा नहीं होने का नोटिस मिला, तब मामले का पता चला। इसके बाद निर्मला मिंज को करीब 9 लाख 27 हजार रुपये की किस्त अपनी ओर से जमा करनी पड़ी।जब उन्होंने योगेश विश्वकर्मा सहित अन्य व्याख्याताओं से इस संबंध में जानकारी ली तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि कंपनी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और रकम वापस मिलने में समय लगेगा।

पांच लोगों के खिलाफ FIR

इसके बाद निर्मला मिंज ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत और जांच के आधार पर कोतवाली पुलिस ने योगेश विश्वकर्मा, अरुण कुशवाहा, आकाश सिंह, शशिकांत सिंह और व्याख्याता संगीता राय तिर्की के खिलाफ मामला दर्ज किया है।पुलिस के अनुसार, एएसए कंपनी में निवेश के नाम पर कई शिक्षकों के साथ ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल इस मामले में एक व्याख्याता ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

 

 

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment