बिलासपुर। फर्जी बायोडाटा दिखाकर दुल्हन को दुल्हे ने ठग लिया। शादी के बाद जब राज खुला, तो हंगामा मच गया। शादी से पहले B.Tech की डिग्री, 48 लाख रुपए सालाना पैकेज और परिवार के पास 150 से 200 एकड़ जमीन होने के दावे ने युवती और उसके परिवार को भरोसे में ले लिया। रिश्ता तय हुआ, शादी भी हो गई, लेकिन शादी की रात ही एक के बाद एक ऐसे हालात सामने आए, जिनसे किए गए दावों पर सवाल खड़े हो गए।
टेंट और कैटरिंग का भुगतान अटक गया तो युवती के परिवार को अपनी जेब से पैसे देने पड़े। अगले दिन होटल का भुगतान भी नहीं हुआ और होटल संचालक ने आरोपी की कार रोक ली। मामला बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने युवती की शिकायत पर हर्षदीप राम जाड़ी, उसके पिता लोधन राम जाड़ी और मां राजो जाड़ी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हाईस्कूल के साथी से हुआ रिश्ता
इस संबंध में पुलिस ने बताया कि 30 वर्षीय युवती मूल रूप से जशपुर की रहने वाली हैं और वर्ष 2022 से बिलासपुर में रहकर गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रही हैं। हर्षदीप उनके साथ हाईस्कूल में पढ़ता था। वर्ष 2022 में दोनों की दोबारा मुलाकात हुई और बातचीत बढ़ने लगी।मई 2024 में हर्षदीप ने शादी का प्रस्ताव रखा। परिवार की सहमति के बाद 8 जनवरी 2025 को कोनी के आरजे प्वाइंट कैफे में मुलाकात के दौरान उसने युवती को अपना बायोडाटा दिया।
बायोडाटा में 48 लाख का पैकेज और 200 एकड़ जमीन
शिकायत के मुताबिक, बायोडाटा में हर्षदीप ने खुद को बीट्स पिलानी से B.Tech पास बताया। उसने जयपुर की एक बड़ी कंपनी में डेटा एनालिस्ट मैनेजर के पद पर काम करने और सालाना 48 लाख रुपए का पैकेज मिलने का दावा किया था।इसके साथ ही परिवार के पास 150 से 200 एकड़ जमीन और पिता के कारोबार का सालाना टर्नओवर 88 लाख रुपए बताया गया था। युवती के परिवार ने इन जानकारियों के आधार पर रिश्ता स्वीकार कर लिया।
शादी से पहले 6.76 लाख रुपए लेने का आरोप
शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि शादी से पहले अलग-अलग जरूरतों का हवाला देकर उससे और उसके परिवार से रकम ली गई। फरवरी और मार्च में हर्षदीप तथा उसकी मां के खातों में कुल 4.96 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा हर्षदीप के खाते में 60 हजार रुपए दिए गए। शिकायत के मुताबिक, अलग-अलग मदों में ली गई रकम मिलाकर यह राशि करीब 6.76 लाख रुपए है।
शादी की रात टेंट-कैटरिंग का भुगतान अटका
12 मार्च 2026 को बिलासपुर के होटल पेट्रीशियन में शादी हुई। युवती के मुताबिक, शादी का खर्च हर्षदीप के पिता द्वारा उठाने की बात कही गई थी। लेकिन शादी की रात टेंट और कैटरिंग का काम शुरू नहीं हुआ।
पूछताछ करने पर पता चला कि संबंधित लोगों को सिर्फ 10-10 हजार रुपए एडवांस दिया गया था। इसके बाद युवती के पिता ने कैटरर को 90 हजार रुपए, जबकि उसके मामा ने टेंट संचालक को 90 हजार रुपए का भुगतान किया।
अगले दिन होटल से निकलते समय भुगतान को लेकर फिर विवाद हुआ। शिकायत के अनुसार, होटल का भुगतान नहीं होने पर संचालक ने हर्षदीप की कार रोक ली। इसके बाद हर्षदीप और उसके पिता के मोबाइल फोन बंद हो गए।
पूछताछ में B.Tech और नौकरी के दावे पर उठे सवाल
इसके बाद युवती के परिवार को पहले किए गए दावों पर संदेह हुआ। शिकायत के मुताबिक, पूछताछ के दौरान हर्षदीप ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने बीट्स पिलानी से पढ़ाई नहीं की थी और उसके पास कोई नौकरी भी नहीं थी। उसने अपने पिता के साथ इमू ऑयल का कारोबार करने की बात बताई।
शादी में मिले जेवर भी नकली होने का आरोप
मामला यहीं नहीं रुका। युवती ने आरोप लगाया कि शादी में दिए गए जेवर की जांच कराने पर वे भी नकली निकले। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की गई।शुरुआत में जशपुर पुलिस ने शून्य पर रिपोर्ट दर्ज कर केस डायरी बिलासपुर पुलिस को भेजी। अब कोनी पुलिस मामले में बायोडाटा में किए गए दावों, बैंक खातों में हुए लेन-देन, शादी के खर्च और जेवर से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।
पुलिस ने बेटे समेत माता-पिता को बनाया आरोपी
बिलासपुर ASP पंकज पटेल के मुताबिक, आरोपी मूल रूप से जशपुर का रहने वाला है और वर्तमान में बिलासपुर की स्वर्णिमा एरा टाउनशिप में रहता है। मामले में युवक और उसके माता-पिता को आरोपी बनाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।नोट: इस कॉपी में आरोपों को शिकायत के आधार पर ही रखा गया है। पुलिस जांच पूरी होने और अदालत के निष्कर्ष से पहले इन्हें सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं लिखा गया है।










