Anukampa Niyukti Scam News: शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति में एक और ब़ड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। जांच के बाद अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक पुराने मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 (क्लर्क) सीमा कुशवाहा को जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई मैनपाट विकासखंड से मिली शिकायत और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।मामला वर्ष 2017 में मिली अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा है। विभागीय जांच में नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए शपथपत्र और उपलब्ध सरकारी अभिलेखों में अंतर पाए जाने की बात सामने आई है। अब इस पूरे प्रकरण की नियमित विभागीय जांच कराई जाएगी।
2017 में मिली थी अनुकंपा नियुक्ति
शिक्षा विभाग के अभिलेखों के अनुसार स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा की मृत्यु के बाद सीमा कुशवाहा को 16 जून 2017 को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी।नियुक्ति के लिए 5 मई 2017 को प्रस्तुत शपथपत्र में परिवार के किसी सदस्य के शासकीय अथवा अर्द्धशासकीय सेवा में नहीं होने की घोषणा की गई थी।
हालांकि, शिकायत के बाद हुई प्रारंभिक जांच में नियुक्ति से संबंधित मूल दस्तावेज, आवेदन, शपथपत्र, पारिवारिक विवरण और सेवा अभिलेखों की जांच की गई। विभाग के अनुसार, उपलब्ध अभिलेखों में परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा से संबंधित जानकारी दर्ज मिली।
शपथपत्र और रिकॉर्ड में अंतर से बढ़ा मामला
प्रारंभिक जांच में शपथपत्र में की गई घोषणा और विभाग के पास उपलब्ध अभिलेखों के बीच कथित अंतर सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया। इसी आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबन की कार्रवाई की है।
डीईओ के आदेश में इस प्रकरण को छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के 14 जून 2013 के पत्र और उस समय प्रभावशील संशोधनों से जुड़े प्रावधानों के तहत परीक्षण किए जाने का उल्लेख है।इसके अलावा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) के तहत भी मामले की जांच की गई है।
अंबिकापुर रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय
जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रकरण की गंभीरता और निष्पक्ष विभागीय जांच के मद्देनजर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन का आदेश जारी किया है।निलंबन अवधि के दौरान सीमा कुशवाहा का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
अब होगी नियमित विभागीय जांच
निलंबन के बाद मामला अभी अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा है। डीईओ के अनुसार सीमा कुशवाहा के खिलाफ नियम 14 के तहत नियमित विभागीय जांच की जाएगी।इसके लिए अलग से आरोप-पत्र जारी किया जाएगा और संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निलंबन एक अंतरिम
प्रशासनिक कार्रवाई है। इसे आरोपों की अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जाएगा। अनुकंपा नियुक्ति की वैधता और पात्रता को लेकर अंतिम निर्णय विभागीय जांच के निष्कर्ष तथा संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा।










