धमतरी। जिले में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को सरकारी एवं संस्थागत योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सोमवार को जिले के शासकीय महाविद्यालयों और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने प्रवेश, छात्रवृत्ति योजनाओं और युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आर्थिक
कठिनाई के कारण किसी भी छात्रा की पढ़ाई नहीं छूटनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन और विभिन्न संस्थाओं की ओर से विद्यार्थियों और युवाओं के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाना और उन्हें लाभ दिलाना महाविद्यालयों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के लिए कॉलेजों में लगेंगे विशेष शिविर
बैठक में कलेक्टर ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की छात्रवृत्ति योजना की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र छात्राओं को हर साल 30 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।उन्होंने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिया कि पात्र छात्राओं की पहचान कर उन्हें छात्रवृत्ति योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके लिए महाविद्यालय स्तर पर टीम गठित कर छात्राओं के आवेदन भरवाने और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने कहा कि आर्थिक परेशानी किसी छात्रा की उच्च शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले वर्ष छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली छात्राएं, यदि इस वर्ष भी अध्ययनरत हैं, तो आवेदन का नवीनीकरण कर दोबारा योजना का लाभ ले सकती हैं।
शुक्रवार और शनिवार को कॉलेजों में विशेष कैंप
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आगामी शुक्रवार और शनिवार को सभी महाविद्यालयों में विशेष शिविर आयोजित कर छात्राओं के छात्रवृत्ति आवेदन भरवाए जाएं। प्रत्येक महाविद्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जो छात्राओं को आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की छात्रवृत्ति योजना से संबंधित पोस्टर का विमोचन भी किया गया। पोस्टर के माध्यम से छात्राओं को योजना की पात्रता, मिलने वाली राशि और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र छात्राएं इसका लाभ उठा सकें।
गांव-गांव पहुंचकर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए करें प्रेरित
समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिले के महाविद्यालयों में अब तक हुए प्रवेश की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने उन क्षेत्रों और गांवों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां से कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
उन्होंने सिहावा क्षेत्र सहित सिंगपुर, बेलरगांव और आकलाडोंगरी जैसे गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। अधिकारियों और महाविद्यालयों की टीम को विद्यार्थियों और अभिभावकों से संपर्क कर उच्च शिक्षा में प्रवेश, उपलब्ध पाठ्यक्रमों और छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देने को कहा गया है।
कलेक्टर ने कहा कि जानकारी के अभाव में कोई भी विद्यार्थी कॉलेज में प्रवेश या छात्रवृत्ति जैसे महत्वपूर्ण अवसर से वंचित नहीं होना चाहिए। पात्र छात्र-छात्राओं से घर-घर संपर्क कर उन्हें उच्च शिक्षा के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाए।
12वीं पास युवाओं को मिलेगी AI की ट्रेनिंग
बैठक में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि जिले में युवाओं के तकनीकी और डिजिटल कौशल को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
वर्तमान में बालक चौक स्थित परिसर में युवाओं को छह माह का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में युवाओं को AI की मूल अवधारणाओं के साथ इसके व्यावहारिक इस्तेमाल और आधुनिक रोजगार क्षेत्र में इसकी संभावनाओं की जानकारी दी जा रही है।
कलेक्टर ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों से कहा कि 12वीं पास, स्नातक कर रहे अथवा अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं को इस प्रशिक्षण से अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाए।उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में डिजिटल और तकनीकी कौशल युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खोल सकता है। महाविद्यालयों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को डिग्री दिलाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप कौशल और तकनीक से भी जोड़ना जरूरी है।
योजनाओं की नियमित समीक्षा के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा में प्रवेश और रोजगारपरक प्रशिक्षण जैसी योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र विद्यार्थियों और युवाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त अरुण वर्मा, संयुक्त कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव, सहायक संचालक शिक्षा यदुनंदन वर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विमल साहू, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि गुलशन कुमार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



















