Commonwealth Silver Medalist। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव को राज्य सरकार ने बड़ा सम्मान देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में ज्ञानेश्वरी का स्वागत करते हुए उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की घोषणा की।
आपको बता दें कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत ज्ञानेश्वरी को अब उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपनी मेहनत और उपलब्धियों से पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए सरकार उन्हें विशेष पदोन्नति देगी।
53 किलोग्राम वर्ग में जीता रजत पदक
हाल ही में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के महिला 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। स्नैच राउंड में उन्होंने 88 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इस मुकाबले में नाइजीरिया की खिलाड़ी 93 किलोग्राम के साथ पहले स्थान पर रहीं, जबकि ज्ञानेश्वरी ने दूसरे स्थान पर रहते हुए भारत को रजत पदक दिलाया।
बिजली मिस्त्री पिता का सपना बेटी ने किया पूरा
ज्ञानेश्वरी की सफलता के पीछे उनके पिता दीपक यादव का संघर्ष भी प्रेरणादायक है। दीपक पेशे से बिजली मिस्त्री हैं और कभी खुद बॉडी बिल्डर बनने का सपना देखते थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उनका सपना अधूरा रह गया। उन्होंने अपनी बेटी के जन्म के साथ ही तय कर लिया था कि उसे एक सफल खिलाड़ी बनाएंगे।
जब ज्ञानेश्वरी 13 वर्ष की थीं, तब उनके पिता उन्हें पहली बार पावर लिफ्टिंग से परिचित कराए। बाद में उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें वेटलिफ्टिंग कोच अजय लोहार विश्वकर्मा के पास प्रशिक्षण के लिए भेजा गया, जिन्होंने उनकी क्षमता को पहचानकर आगे बढ़ाया।
बिना संसाधनों के जारी रखा अभ्यास
ज्ञानेश्वरी का सफर आसान नहीं रहा। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने कड़ी मेहनत की। कोरोना महामारी के दौरान जब जिम बंद थे, तब उनके पिता ने घर पर ही सीमेंट की प्लेटें और गैस सिलेंडर की मदद से अस्थायी वेट तैयार किए ताकि उनकी ट्रेनिंग बाधित न हो।
भीषण गर्मी में बिना पंखे वाले हॉल में घंटों अभ्यास करने वाली ज्ञानेश्वरी ने कभी हार नहीं मानी। इसी समर्पण और मेहनत का परिणाम है कि आज उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।मुख्यमंत्री की ओर से की गई DSP पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की घोषणा को प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है।



















