जशपुर/पत्थलगांव। कहते हैं, विवाह के सात फेरे केवल एक रस्म नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु तक साथ निभाने का वचन होते हैं। जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के डूडूगजोर गांव में शुक्रवार को घटी एक घटना ने इस रिश्ते की गहराई को दर्दनाक तरीके से सच साबित कर दिया। जिस पति-पत्नी ने वर्षों तक सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया, वे कुछ ही घंटों के अंतराल में इस दुनिया को अलविदा कह गए।
कुछ घंटों के अंतराल में बिछड़ गया जीवनभर का साथ
गांव के राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी रुकमणि चौहान पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल पहुंचते ही दोनों ठीक हो जाएंगे, लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था।शुक्रवार सुबह अचानक दोनों की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। घबराए परिजन उन्हें लेकर पत्थलगांव अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद जो कहा, उसने परिवार की दुनिया उजाड़ दी। रुकमणि चौहान अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुकी थीं।
एक ही घर से उठीं दो अर्थियां, गांव में पसरा मातम
पत्नी की मौत का दर्द अभी परिवार झेल भी नहीं पाया था कि अस्पताल के दूसरे बेड पर जिंदगी से जूझ रहे राजकुमार चौहान ने भी कुछ घंटों बाद अंतिम सांस ले ली। ऐसा लगा जैसे पत्नी के बिछड़ने का दुख वे सह नहीं पाए और उसी राह पर चल पड़े, जहां उनकी जीवनसंगिनी उनसे कुछ घंटे पहले जा चुकी थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
अस्पताल के बाहर एक साथ दो अर्थियों की तैयारी, परिजनों की चीखें, बिलखते बच्चे और गम में डूबे रिश्तेदार… यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। जिस घर में कल तक पति-पत्नी साथ बैठकर भविष्य की बातें करते थे, आज उसी घर में दोनों की एक साथ अंतिम यात्रा की तैयारी होने लगी।
परिजनों ने जताई संदिग्ध मौत की आशंका
गांव में हर जुबान पर बस एक ही बात थी—”दो जिस्म, एक जान… और आखिर में मौत भी दोनों को अलग नहीं कर सकी।”
हालांकि इस दर्दनाक घटना के बीच परिजनों ने दोनों की मौत को संदिग्ध बताया है। उनका कहना है कि आखिर दोनों की तबीयत एक साथ कैसे बिगड़ी और मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होना चाहिए। इसी कारण उन्होंने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
पत्थलगांव पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
फिलहाल डूडूगजोर गांव में मातम पसरा है। हर किसी की आंखें नम हैं और लोग यही कह रहे हैं कि कुछ रिश्ते सचमुच सांसों से नहीं, किस्मत से जुड़े होते हैं। शायद इसी वजह से राजकुमार और रुकमणि का साथ अंतिम सफर तक नहीं टूटा।



















