धमतरी 1 अगस्त 2026। यूं तो तेंदुआ से हमले में सैंकड़ों हजारों लोगों की मौत की खबर आती है, लेकिन शायद ही कभी ऐसी खबर आयी है, कि तेंदुआ ने हमला किया हो और फिर उसकी ही जान चली गयी हो। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से वन्यजीव से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। नगरी वनांचल क्षेत्र के कर्राघाटी में देर रात एक तेंदुआ घर में घुस गया और दो लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। दोनों घायलों को तत्काल नगरी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लेकिन इस घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि हमला करने के कुछ समय बाद उसी घर के भीतर तेंदुआ मृत मिला।तेंदुए की मौत कैसे हुई, यह फिलहाल रहस्य बना हुआ है। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। अगर छत्तीसगढ़ की बात करें तो प्रदेश में भी हर साल तेंदुआ से हमले में औसतन 100 लोगों की जान चली जाती है।
घर में घुसा तेंदुआ, दो ग्रामीण घायल
जानकारी के अनुसार घटना बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कर्राघाटी क्षेत्र की है। देर रात तेंदुआ अचानक एक मकान में घुस गया और वहां मौजूद दो लोगों पर हमला कर दिया।
घायलों की पहचान:
- धरम नेताम (40 वर्ष)
- गांधी नेताम (50 वर्ष)
हमले में दोनों घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से नगरी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हमला करने के बाद खुद तेंदुए की मौत
घटना का सबसे रहस्यमयी पहलू यह है कि जिस घर में तेंदुए ने हमला किया, वहीं कुछ देर बाद वह मृत अवस्था में मिला।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक:
- तेंदुए के शरीर पर किसी बड़े हथियार से हमले के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।
- घटनास्थल पर अत्यधिक खून के निशान भी नहीं बताए जा रहे हैं।
- मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
- वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तेंदुए की मौत चोट, बीमारी, दम घुटने, तनाव या किसी अन्य कारण से हुई।
वन विभाग ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू की है।वन विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि:
- तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में कैसे पहुंचा?
- हमले के बाद उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई?
- क्या तेंदुआ पहले से घायल था?
- क्या किसी प्राकृतिक कारण या तनाव के चलते उसकी मौत हुई?
लोगों में दहशत का माहौल
घटना के बाद कर्राघाटी और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है।विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के सिकुड़ते दायरे और भोजन की तलाश में जंगली जानवरों का आबादी की ओर आना मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को बढ़ा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल इस पूरे मामले की सबसे बड़ी गुत्थी तेंदुए की मौत है। आमतौर पर तेंदुए के हमलों में इंसानों की मौत या गंभीर चोट की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इस मामले में हमला करने के बाद तेंदुआ स्वयं मृत मिला। इसलिए यह घटना वन विभाग के लिए भी जांच का विषय बन गई है।
अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वन विभाग की आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस रहस्यमयी मौत का सच सामने आ सकेगा।



















