Health Department News। एंबुलेंस की खस्ताहाल स्थिति से एक गर्भवती की जान पर बन आयी। जिला अस्पताल से रेफर गर्भवती महिला को लेकर जा रही एक एंबुलेंस का बीच सड़क पर टायर ब्लास्ट हो गया। मामला बिलासपुर का है, जहां गंभीर हालत में जिला अस्पताल से गर्भवती को सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया था। मरीज के परिजनों को 108 एंबुलेंस उपलब्ध कराया गया। जब प्रसूता को लेकर 108 संजीवनी एक्सप्रेस जा रही थी, तभी एंबुलेंस का टायर जिला अस्पताल से महज दो किलोमीटर दूर फट गया।
एंबुलेंस के अंदर प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को सड़क किनारे वाहन के ठीक होने तक इंतजार करना पड़ा। चालक और परिजनों ने मिलकर किसी तरह टायर बदला, जिसके बाद एंबुलेंस को बिलासपुर सिम्स के लिए रवाना किया गया।
मामला जिला अस्पताल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से जुड़ा है। पेंड्रा के दूरस्थ ग्राम बम्हनी पचासी निवासी दिलेश्वरी बाई को प्रसव पीड़ा के बाद परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यह उनकी पहली डिलीवरी बताई जा रही है। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर किया।
अस्पताल से निकली एंबुलेंस, रास्ते में फट गया टायर
प्रसूता को लेकर 108 एंबुलेंस बिलासपुर के लिए रवाना हुई थी। अस्पताल से करीब दो किलोमीटर आगे पहुंचते ही एंबुलेंस का टायर अचानक फट गया। इसके बाद वाहन सड़क किनारे खड़ा करना पड़ा।बताया गया कि उस समय महिला एंबुलेंस के अंदर ही प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। चालक और परिजनों ने जल्दबाजी में टायर बदलने की कोशिश शुरू की। टायर बदलने के बाद एंबुलेंस को दोबारा सिम्स बिलासपुर के लिए रवाना किया गया।
सभी टायर खराब होने का दावा
जानकारी के मुताबिक संबंधित एंबुलेंस के अन्य टायर भी खराब हालत में बताए जा रहे हैं। फटा हुआ टायर अब उपयोग के लायक नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में गंभीर मरीजों को लंबी दूरी तक ले जाने वाली एंबुलेंस के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जर्जर सड़क पर एंबुलेंस सेवा का दबाव
पेंड्रा से बिलासपुर के बीच सड़क की स्थिति भी कई जगह खराब बताई जा रही है। ऐसे मार्ग पर गंभीर मरीजों को लेकर चलने वाली एंबुलेंस के टायरों की स्थिति और अतिरिक्त टायर की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है। इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि गंभीर मरीजों को रेफर करने वाली एंबुलेंस को सड़क पर उतारने से पहले उसकी तकनीकी स्थिति और सुरक्षा उपकरणों की जांच कितनी नियमित रूप से होती है।फिलहाल प्रसूता को टायर बदलने के बाद सिम्स बिलासपुर रवाना किया गया। मामले में एंबुलेंस की तकनीकी स्थिति और टायरों के रखरखाव को लेकर संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।










