Shakib Raza Death Case। दोस्ती के किस्से यूं तो दुनिया में खूब मशहूर हैं, लेकिन रायपुर में दोस्ती की एक कहानी थोड़ी अलग है। कभी शाकिब व मुकेश की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। एक ने अपनी नई ई-स्कूटी बिना झिझक दोस्त को चलाने के लिए दे दी, तो दूसरा उसी दोस्त की मेहनत और उसकी नई गाड़ी को बचाने के लिए आग के सामने लेट गया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
दोस्ती बचाने की कोशिश में शाकिब रजा अपनी जिंदगी हार गया, जबकि उसका सबसे करीबी दोस्त मुकेश निषाद अब गैर-इरादतन हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे है।रायपुर के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि दोस्ती, गुस्से और एक पल के गलत फैसले की दर्दनाक कहानी बन गया है।
नई ई-स्कूटी बनी दोस्ती की वजह और फिर त्रासदी का कारण
पुलिस के अनुसार, आरोपी मुकेश निषाद और शाकिब रजा बेहद अच्छे दोस्त थे। करीब 12 दिन पहले मुकेश ने नई इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी थी। उसने यह स्कूटी अपने दोस्त शाकिब को चलाने के लिए दी थी।परिवार को यह बात पसंद नहीं आई। मुकेश को घर में इस बात को लेकर डांट पड़ी। धीरे-धीरे उसके मन में यह बात बैठ गई कि नई स्कूटी ही उसकी दोस्ती के बीच विवाद की वजह बन रही है। फिर मुकेश को लगा जो चीज शाकिब के साथ उसकी दोस्ती का रोड़ा बन रही है। उसे वो जलाकर खत्म कर देगा।
गुस्से में लिया ऐसा फैसला, जिसने सब कुछ बदल दिया
12 जुलाई की रात मुकेश अपने कुछ साथियों के साथ कोटा इलाके पहुंचा। उसके हाथ में पेट्रोल की बोतल थी।प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, मुकेश बार-बार यही कह रहा था—“जो गाड़ी मेरे दोस्त के काम नहीं आ रही, उसे जला देता हूं।”उसने स्कूटी पर पेट्रोल डालना शुरू कर दिया।
“मेरी वजह से अपनी गाड़ी मत जलाओ…”
मुकेश को रोकने के लिए शाकिब दौड़ा। उसने दोस्त से कहा कि “मेरी वजह से अपनी बाइक मत जलाओ।”इतना ही नहीं, वह स्कूटी के ऊपर लेट गया ताकि मुकेश उसे आग न लगा सके।लेकिन गुस्से में मुकेश ने माचिस जला दी। कुछ ही सेकंड में आग ने पूरी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। स्कूटी पर लेटा शाकिब भी आग की लपटों में घिर गया। मुकेश भी मामूली रूप से झुलस गया, लेकिन शाकिब गंभीर रूप से जल गया।
सात दिन जिंदगी से लड़ता रहा
गंभीर हालत में शाकिब को डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन सात दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद 17 जुलाई को उसने दम तोड़ दिया।
दोस्ती का अंत जेल में
शुरुआत में मृतक के परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए साजिश की आशंका जताई थी। शाकिब की बहन ने आरोप लगाया था कि उसे शराब पार्टी के बहाने बुलाया गया था।हालांकि, पुलिस ने दोस्तों, प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और जांच के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि घटना गुस्से में स्कूटी जलाने के दौरान हुई।एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी मुकेश निषाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एक पल का गुस्सा… दो परिवारों की जिंदगी बदल गया
यह घटना सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि एक पल का गुस्सा, भावनाओं में लिया गया फैसला और आवेश में किया गया कदम कई जिंदगियां बर्बाद कर सकता है।जिस दोस्ती के लिए एक युवक अपनी नई स्कूटी छोड़ने को तैयार था और दूसरा दोस्त उसे बचाने के लिए आग के सामने खड़ा हो गया, उसी दोस्ती का अंत एक की मौत और दूसरे की जेल यात्रा के साथ हुआ।










