बिलासपुर। बिलासपुर के बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या कर फरार हुए चार बाल अपचारियों में से अब तक तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी पहले प्रयागराज से पकड़ा गया था, जबकि दूसरा बिहार के पटना स्थित एक अस्पताल से गिरफ्तार हुआ। वहीं तीसरे बाल अपचारी को पुलिस की सूचना पर बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से आरपीएफ ने हिरासत में लिया। जबकि चौथे आरोपी की तलाश अभी जारी है।
पटना में चौकीदारी कर रहे थे आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया कि गिरफ्तार बाल अपचारियों में एक हत्या और दूसरा एनडीपीएस (गांजा तस्करी) के मामले में बाल संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध था। वारदात के बाद दोनों बिहार के पटना पहुंच गए। यहां एनडीपीएस मामले के आरोपी के पिता ने दोनों की एक अस्पताल में चौकीदार के रूप में नौकरी लगवा दी थी।
तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने रविवार देर रात पटना में दबिश दी। इस दौरान आरोपी का पिता अपने बेटे को वहां से भगा ले गया, लेकिन हत्या के मामले में फरार दूसरे बाल अपचारी को पुलिस के हवाले कर दिया।
बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से तीसरा आरोपी गिरफ्तार
पटना में पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस को तीसरे बाल अपचारी की लोकेशन मिली। इसके बाद एसीसीयू की सूचना पर आरपीएफ ने उसे बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया। अब तक चार में से तीन बाल अपचारी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि चौथे की तलाश जारी है।
12-13 जुलाई की रात हुई थी हत्या
आपको बता दें कि 12-13 जुलाई की रात बाल संप्रेक्षण गृह के चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या कर चार बाल अपचारी फरार हो गए थे। घटना के बाद सरकंडा थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों की तलाश के लिए गठित विशेष पुलिस टीमों ने कोरबा, रायगढ़, बिहार, अनूपपुर, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लगातार दबिश दी।
धरना भड़काने वालों पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद कुछ लोग मृतक के परिजनों को कथित रूप से उकसाकर गैर-वाजिब मांगों को लेकर धरना जारी रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार इनमें से कुछ लोग गंभीर मामलों में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। उनके खिलाफ जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में आवेदन देने की तैयारी की जा रही है।
मुआवजे की मांग 35 लाख, पत्नी और बेटे को नौकरी की मांग बरकरार
इधर, मृतक के परिजन और समाज के लोगों का धरना जारी है। 18 जुलाई को धरना स्थल पर मृतक की पत्नी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को समाज के लोगों ने रैली निकालकर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने मुआवजे की मांग एक करोड़ रुपये से घटाकर 35 लाख रुपये कर दी है, लेकिन मृतक की पत्नी और बेटे दोनों को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं।










