बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग द्वारा वर्षों से विभिन्न कार्यालयों में अटैच (प्रतिनियुक्त) शिक्षक-कर्मचारियों की वापसी का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले में मंगलवार को 38 शिक्षक एवं कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें तत्काल प्रभाव से उनकी मूल पदस्थापना पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले सात दिनों में जिले में कुल 61 शिक्षक-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त की जा चुकी है।
यह कार्रवाई स्कूल शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के निर्देशों के बाद की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इन विभागों से हटे अटैच शिक्षक-कर्मचारी
जारी आदेश के अनुसार, परियोजना अधिकारी कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, साक्षर भारत कार्यक्रम, एनआईसी, तहसील कार्यालय, बाढ़ नियंत्रण कक्ष, बीईओ कार्यालय, राहत शाखा और शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय समेत विभिन्न कार्यालयों में वर्षों से संलग्न शिक्षक एवं कर्मचारियों को अब अपने मूल विद्यालयों और कार्यालयों में लौटकर कार्यभार संभालना होगा।
38 कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति खत्म
इस आदेश के तहत कुल 38 कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया गया है। इनमें—
2 व्याख्याता
5 प्रधान पाठक
4 शिक्षक
2 व्यायाम शिक्षक
15 सहायक शिक्षक
3 सहायक ग्रेड-2
2 सहायक ग्रेड-3
5 भृत्य शामिल हैं।
इनकी हुई वापसी
इन कर्मचारियों में रमेश कुमार गोपाल, रोहित भांगे, राजेश क्षत्री, संजय कुमार रजक, जयप्रकाश वैष्णव, रजनी उरमलिया, मोहम्मद उबैद सिद्धिकी, प्रकाश रजक, मुरलीधर राय, श्वेता चौहान, धीरेन्द्र पाठक, दानवेन्द्र सिंह, रवि सिंह ठाकुर, अवनीश तिवारी, मोहन देव यादव, अखिलेश तिवारी, सुरेखा कश्यप, प्रभा उपाध्याय, परमेश्वर यादव, रविन्द्र कुमार खुटे, बीना लकड़ा, बाबूलाल तिवारी, निशांत वर्मा, आशीष वर्मा, राजेश सिंह ठाकुर, इंद्रसान क्षेत्री, नगमा खान, प्रीति शुक्ला, कैलाश चंद्र सूर्यवंशी, पीएस राजपूत, पी.के. धुव, देवकांत सोनी, प्रियुष मिश्रा, दीपक कुमार श्रीवास, राजेश कुमार कौशिक, मंजूला गंधर्व, किशोर दास मानिकपुरी और मानसदास मानिकपुरी के नाम शामिल हैं।
सात दिन में 61 कर्मचारियों की हुई वापसी
शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिनियुक्तियों की समीक्षा लगातार की जा रही है।
13 जुलाई को 15 शिक्षक-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई थी।
20 जुलाई को जिला निर्वाचन कार्यालय से जुड़े 9 कर्मचारियों (5 लिपिक और 4 भृत्य) को उनकी मूल संस्थाओं में वापस भेजा गया।
अब 38 नए आदेश जारी होने के बाद पिछले सात दिनों में कुल 61 शिक्षक-कर्मचारी अपनी मूल पदस्थापना पर लौट चुके हैं।
स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर
शिक्षा विभाग का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों में प्रतिनियुक्त कर्मचारियों की वापसी को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



















