न्यूज हेडलाइन टॉप न्यूज छत्तीसगढ़ ब्यूरोक्रेट वेब स्टोरी/शॉर्टस क्राइम शिक्षक/कर्मचारी देश/राज्य मौसम मनोरंजन खेल/खिलाड़ी राशिफल/धर्म सेहत ऑटोमोबाइल/मोबाइल बिजनेस नौकरी/सरकारी योजनाएं

---Advertisement---

मुख्यमंत्री-शिक्षामंत्री ने कहा ‘निश्चिंत रहें’, फिर TET को लेकर क्यों बढ़ी तकरार? पदोन्नति को लेकर शिक्षक साझा मंच ने पूछा- ‘आखिर चलेगा किसका आश्वासन?’

छत्तीसगढ़ में TET और पदोन्नति को लेकर विवाद फिर बढ़ा। दुर्ग संभाग में शिक्षक साझा मंच ने विभागीय प्रक्रिया पर सवाल उठाए और बुधवार को JD कार्यालय पहुंचने का ऐलान किया।

August 31, 2026 3:36 PM
शिक्षा मंत्री के साथ शिक्षक साझा मंच की बैठक
---Advertisement---11

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों की TET और पदोन्नति का विवाद एक बार फिर गरमाता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मिले आश्वासन के बाद जहां शिक्षकों को उम्मीद थी कि TET को लेकर उन्हें राहत मिलेगी, वहीं दुर्ग संभाग में TET को आधार बनाकर पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की सूचना से शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है।

छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच ने विभागीय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर शिक्षक किसका आश्वासन मानें—सरकार का या विभागीय अधिकारियों का?

मंच का कहना है कि एक ओर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री शिक्षकों को भरोसा दिला रहे हैं कि TET के कारण उनकी सेवा सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी और उन्हें पर्याप्त अवसर दिया जाएगा, वहीं दूसरी ओर विभागीय स्तर पर TET को पदोन्नति से जोड़ने की तैयारी क्यों की जा रही है। यही मुद्दा अब दुर्ग संभाग के शिक्षकों के बीच चर्चा और आक्रोश का केंद्र बन गया है।

‘सरकार की बात मानें या अधिकारियों की?’

शिक्षक साझा मंच के प्रदेश संचालक रविन्द्र राठौर ने कहा कि शासन के साथ हुई चर्चा के दौरान शिक्षकों को स्पष्ट भरोसा दिया गया था कि सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे और अगस्त 2028 तक का समय उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
राठौर के मुताबिक, इसके बावजूद यदि विभाग TET को पदोन्नति की प्रक्रिया से जोड़कर आगे बढ़ता है तो यह शिक्षकों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा, “सरकार ने भरोसा दिया है कि शिक्षक निश्चिंत रहें। अब विभागीय कार्रवाई भी उसी भरोसे के अनुरूप होनी चाहिए। आश्वासन और कार्रवाई में अंतर रहेगा तो सवाल उठना स्वाभाविक है।”

अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल

प्रांतीय संचालक विकास राजपूत ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अधिकारी मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आश्वासन को दरकिनार कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि यदि सरकार एक बात कह रही है और अधिकारी उसके विपरीत दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं, तो शिक्षक आखिर किसकी बात को अंतिम मानें?
विकास राजपूत ने कहा, “मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की छवि शिक्षकों के बीच उनके आश्वासन से बनी है। यदि अधिकारी उसी आश्वासन के विपरीत काम करेंगे तो इसका नुकसान केवल शिक्षकों को नहीं, बल्कि सरकार की विश्वसनीयता को भी होगा।”

‘TET के नाम पर सेवा सुरक्षा का रास्ता बंद नहीं होने देंगे’

प्रांतीय संचालक प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने अचानक TET की बाधा खड़ी करना उचित नहीं है।
उन्होंने मांग की कि यदि विभागीय परीक्षा अथवा TET से संबंधित कोई व्यवस्था लागू की जानी है तो उसके नियम, प्रक्रिया, अवसर और समय-सीमा को स्पष्ट रूप से लिखित रूप में जारी किया जाना चाहिए।
प्रदीप पाण्डेय ने कहा, “बिना स्पष्ट नीति और लिखित आदेश के किसी शिक्षक के सुप्रीम कोर्ट के दिए अवसर को प्रभावित नहीं किया जा सकता। सेवारत शिक्षकों के भविष्य के साथ प्रयोग स्वीकार नहीं होगा।”

बुधवार को JD कार्यालय पहुंचेंगे शिक्षक

मंच के पदाधिकारी बसंत कौशिक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्ग संभाग के सेवारत शिक्षक बुधवार को अपने आवेदन लेकर संयुक्त संचालक (JD) कार्यालय पहुंचेंगे।
शिक्षक अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखते हुए पदोन्नति के अवसर और वरिष्ठता की रक्षा की मांग करेंगे। मंच का कहना है कि विभागीय स्तर पर हुई किसी गलती या प्रक्रिया के कारण वरिष्ठ शिक्षकों को उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

‘अब मौखिक भरोसे से नहीं मानेगा शिक्षक’

प्रांतीय संचालक देवेंद्र हरमुख ने कहा कि सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन को अब लिखित आदेश का रूप दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “शिक्षकों को अब केवल यह कह देने से संतुष्टि नहीं होगी कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी। हमें लिखित नीति चाहिए, स्पष्ट आदेश चाहिए और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि TET के कारण वरिष्ठ शिक्षकों का पदोन्नति अवसर समाप्त न हो।”

उन्होंने दुर्ग संभाग में JD कार्यालय को TET आधारित पदोन्नति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही संकेत दिया कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शिक्षक आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

बुधवार की कार्रवाई पर टिकी नजर

दुर्ग संभाग में बुधवार को JD कार्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों के आवेदन और अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर अब सभी की नजरें टिकी हैं। शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि आवेदन और बातचीत के स्तर पर समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

फिलहाल सरकार के आश्वासन और विभागीय स्तर पर सामने आ रही प्रक्रिया के बीच पैदा हुए विरोधाभास ने TET और पदोन्नति के मुद्दे को एक बार फिर गरमा दिया है। अब शिक्षकों को इंतजार है कि बुधवार को विभाग इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है।

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment