अंबिकापुर। IPS एक करोड़ रिश्वत मामला: छत्तीसगढ़ में चर्चित IPS रिश्वत कांड में बड़ा एक्शन हुआ है। एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित हवाला रिश्वत के आरोपों से जुड़े मामले में अब पुलिस विभाग ने अब कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में साइबर थाना सरगुजा में पदस्थ एएसआई और आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है। सरगुजा आईजी दीपक झा ने यह कार्रवाई की है।
वहीं, कथित रिश्वत लेन-देन से जुड़े वायरल ऑडियो की भी जांच की जा रही है।मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत में शिकायत के बाद यह प्रकरण और गंभीर हो गया है। कोर्ट ने शिकायत पर प्रथमदृष्ट्या संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ डीजीपी और सीबीआई निदेशक समेत संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
IPS एक करोड़ रिश्वत मामला: हवाला मामले में ASI और आरक्षक पर कार्रवाई
इस मामले में सरगुजा आईजी दीपक झा ने बताया कि मामले में साइबर थाने में पदस्थ एएसआई और आरक्षक को लाइन अटैच किया गया है। हालांकि, अभी उनके खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है। आईजी दीपक झा के मुताबिक, साइबर थाने में फ्रॉड से संबंधित मामला पहले से दर्ज है। इस प्रकरण में अलग-अलग राज्यों से अब तक 23 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब इसी मामले की विवेचना से जुड़े पुलिस अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
वायरल ऑडियो ने बढ़ाई पुलिस महकमे की मुश्किल
इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर वायरल कथित ऑडियो ने पुलिस विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऑडियो में हवाला चैनल के माध्यम से एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम के कथित लेन-देन की बातचीत होने का दावा किया गया है।ऑडियो में अंबिकापुर सीएसपी आईपीएस राहुल बंसल का नाम आने की बात भी सामने आई थी।
हालांकि, ऑडियो की वास्तविकता और उसमें बातचीत करने वाले लोगों की पहचान को लेकर जांच अभी जारी है।आईजी दीपक झा ने साफ किया है कि ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग की जांच-पड़ताल की जा रही है। जिन लोगों के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है, उनके संबंध में भी तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
जांच में जो सामने आएगा, उसी आधार पर होगी कार्रवाई
आईजी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।इससे साफ है कि फिलहाल पुलिस विभाग ने प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया है, लेकिन मामले की जांच का दायरा इससे आगे भी बढ़ सकता है।
CBI कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी हलचल
इस मामले में शिकायतकर्ता आकाश कुमार ने 1 जुलाई 2026 को दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत में शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में पुलिस अधिकारियों पर हवाला चैनल के जरिए एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायत पर अदालत ने छत्तीसगढ़ डीजीपी, सीबीआई निदेशक और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। डीजीपी से मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट, जबकि सीबीआई से शिकायत पर अब तक की गई कार्रवाई का विवरण मांगा गया है।यही वजह है कि अब इस मामले में पुलिस विभाग की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।
23 आरोपियों की गिरफ्तारी वाले फ्रॉड केस से जुड़ा मामला
आईजी के अनुसार जिस साइबर फ्रॉड मामले की विवेचना चल रही है, उसमें अलग-अलग राज्यों से 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी शिकायत सामने आई है।अब विभागीय कार्रवाई, वायरल ऑडियो और अदालत में चल रही कार्यवाही—इन तीनों पहलुओं पर जांच आगे बढ़ रही है।
IPS एक करोड़ रिश्वत मामला: अब आगे क्या?
फिलहाल एएसआई और आरक्षक को लाइन अटैच किया गया है, जबकि वायरल ऑडियो और उससे जुड़े आरोपों की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट और सीबीआई कोर्ट में प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे किन लोगों पर कार्रवाई होती है।



















