रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शुक्रवार को विभागीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कूल शिक्षा विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियां और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षक पदोन्नति, भर्ती, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण, विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक और गणवेश उपलब्ध कराने, बहुभाषी शिक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग तथा स्कूलों के अधोसंरचना विकास सहित कई महत्वपूर्ण कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण
मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। इसके माध्यम से 15,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया। वहीं 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 4,729 एकल शिक्षकीय स्कूलों में भी शिक्षकों की पूर्ति की गई है।
7 हजार से ज्यादा शिक्षकों की पदोन्नति
शिक्षक पदोन्नति को लेकर भी विभाग ने बड़ी संख्या में कार्रवाई की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि वर्ष 2017-18 के बाद शिक्षकों की पदोन्नति की गई। टी संवर्ग में 1,335 और ई संवर्ग में 1,478 पदों पर कुल 2,813 प्राचार्यों की पदोन्नति हुई। इसके अलावा टी संवर्ग में 1,798 व्याख्याताओं की पदोन्नति की गई है।
पिछले दो वर्षों में सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक से शिक्षक तथा शिक्षक से प्रधान पाठक के पदों पर 7,000 से अधिक पदोन्नतियां की गई हैं। 2,621 बीएड योग्यताधारी सहायक शिक्षकों का सहायक शिक्षक (विज्ञान-प्रयोगशाला) के रूप में समायोजन भी किया गया है। पदस्थापना की प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की गई।
शिक्षक भर्ती में भी बड़ा अपडेट
विभाग ने दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद स्वीकृत किए हैं। इनमें से 2025 में 62 पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति की गई। पिछले दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्तियां की गई हैं।
इसके अलावा करीब 5,000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की परीक्षा प्रक्रिया चल रही है। इनमें सहायक शिक्षक के 2,292, सहायक शिक्षक प्रयोगशाला के 200, शिक्षक के 1,654 और व्याख्याता के 854 पद शामिल हैं। स्वामी आत्मानंद और विवेकानंद विद्यालयों में भी 3,000 से अधिक पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया जारी है।
CBT से होगी परीक्षा, एक सप्ताह में रिजल्ट
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय और अन्य शासकीय संस्थाओं के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक संविदा पदों पर भर्ती के लिए राज्य स्तरीय ऑनलाइन Computer Based Test (CBT) की शुरुआत की है।
विभाग के अनुसार चयन प्रक्रिया के लिए सक्षम एजेंसी का चयन किया जा चुका है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,895 और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,171 यानी कुल 3,066 पदों के लिए संविदा भर्ती प्रक्रिया चल रही है। CBT परीक्षा का परिणाम परीक्षा के एक सप्ताह के भीतर घोषित करने की बात कही गई है। विभाग का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और कम समय में परिणाम मिलने से संविदा शिक्षकों की नियुक्ति जल्द हो सकेगी।
2026-27 में सभी स्कूलों के लिए समान समय-सारणी
नए शिक्षा सत्र को लेकर भी विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वर्ष 2026-27 में सभी स्कूलों के संचालन के लिए एक समान शैक्षणिक समय-सारणी तैयार की गई है। इसके अलावा प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए खेल और भ्रमण की समय-सारणी अलग से जारी की जाएगी।
नई समय-सारणी में शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ खेल एवं योग, नैतिक शिक्षा और संस्कार शिक्षा को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया है। विभाग ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अनुरूप आगामी शिक्षा सत्र 2027-28 को 1 अप्रैल 2027 से शुरू करने का निर्णय लिया है।
स्थानीय भाषाओं में शिक्षा पर जोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहुभाषी शिक्षा को भी विभाग की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया गया। विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने भाषा मैपिंग की है। सत्र 2025-26 में बस्तर संभाग में बच्चों की घरेलू भाषा को कक्षा में उपयोग करने के लिए प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों और पोर्टा केबिन के अनुवादकों एवं शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।
सरगुजा संभाग के जिलों में भी प्राथमिक स्कूलों में बहुभाषी शिक्षा लागू की गई है। कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सदरी को शिक्षा के माध्यम के अनुसार पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। कक्षा 4 से 12 तक छत्तीसगढ़ी को स्वतंत्र विषय के रूप में पाठ्यपुस्तक तैयार करने का काम भी प्रक्रिया में है।
शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था
स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। विभागीय कार्यालयों में आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति और स्कूलों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए TSK मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है।
विभाग के अनुसार प्रतिदिन TSK ऐप के माध्यम से करीब 85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो रही है। मंत्री ने इसे शिक्षण व्यवस्था में अनुशासन मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
45 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तक
विभाग ने बताया कि कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने से पहले ही निःशुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इससे 45,33,261 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। पुस्तकों के वितरण और सत्यापन के लिए स्कैनिंग व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया है। हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 16 बोलियों में भी पाठ्यपुस्तक प्रकाशन की व्यवस्था की जा रही है।
16.28 लाख छात्राओं को साइकिल
निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत सरकारी एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों की कक्षा 9वीं में नवप्रवेशी छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने की पहल की गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और बीपीएल परिवारों की पात्र छात्राओं को इसका लाभ दिया जा रहा है। विभाग के अनुसार सत्र 2026-26 में 1,62,827 छात्राएं लाभान्वित हुई हैं।
बोर्ड परीक्षा परिणाम में करीब 2 फीसदी सुधार
मंत्री ने परीक्षा परिणाम को लेकर भी विभाग की उपलब्धियां गिनाईं। सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने की जानकारी दी गई। इसके लिए परीक्षा पूर्व संभाग स्तर पर शिक्षा अधिकारियों की बैठक, ब्लू प्रिंट के निर्माण एवं अध्यापन और पालक-शिक्षक बैठक जैसे कदमों का उल्लेख किया गया।
स्कूल भवनों के लिए बड़े प्रावधान
पिछले तीन वर्षों में 504 नए स्कूलों की स्वीकृति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन स्कूलों के लिए नए स्कूल भवनों का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2023 से 2026 के बीच 2,583 नए अतिरिक्त कक्षों को भी स्वीकृति दी गई।
स्कूलों के शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए पिछले तीन वर्षों में 52.39 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा समग्र शिक्षा मद से 302 शौचालयों का निर्माण पूरा किया गया है।
150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए 100 करोड़
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण और संचालन के लिए कुल 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करना है। इन विद्यालयों में कक्षा पहली से 12वीं तक अध्ययन की व्यवस्था होगी।
बस्तर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
नियत नेल्लानार योजना के तहत बस्तर संभाग के छह जिलों के 97 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल स्थापित किए गए हैं। 3,791 ग्रामों के समग्र शिक्षा मापदंडों के अनुरूप 5,016 प्राथमिक शालाओं के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
विभाग के अनुसार बस्तर संभाग में द्विभाषीय पुस्तकों के माध्यम से 13,817 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में 573 शिक्षा दूतों के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद 48 स्कूलों को दोबारा खोला गया है और 36 नए स्कूल भी खोले गए हैं।
AI आधारित विद्या समीक्षा केंद्र से होगी मॉनिटरिंग
स्कूल शिक्षा विभाग ने AI आधारित विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना की है। इसके माध्यम से शासन की योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के साथ-साथ स्कूलों के अधोसंरचना, भौतिक सुविधाओं, पीएम पोषण, HRMIS और FLN जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।
विद्या समीक्षा केंद्र में कॉल सेंटर की भी स्थापना की गई है। विभाग के अनुसार शिक्षकों, पालकों, संकुल समन्वयकों और अधिकारियों से एक लाख से अधिक कॉल कर फीडबैक लिया गया है। पाठ्यपुस्तक वितरण की बारकोड आधारित ट्रैकिंग के माध्यम से शासन के करीब 40 करोड़ रुपये की बचत होने की जानकारी भी दी गई।
PVTG बच्चों के लिए आवासीय सुविधा
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बच्चों के लिए स्कूलों के आसपास आवासीय छात्रावास की सुविधा विकसित की जा रही है। प्रदेश में संचालित 156 आवासीय विद्यालय एवं छात्रावासों में करीब 33 हजार से अधिक बच्चों को आवासीय सुविधा मिल रही है।
13 जिलों में PVTG बच्चों के लिए 40 छात्रावासों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 21 के निर्माण का काम शुरू हो चुका है।



















