रायपुर। छत्तीसगढ़ में TET पर महासंग्राम चल रहा है। एक तरफ TET उत्तीर्ण शिक्षक, जो TET की अनिवार्यता के साथ प्रमोशन की डिमांड कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग करने वाले शिक्षक हैं। कमाल की बात ये है कि दोनों पक्ष के शिक्षक आंदोलन पर उतारू हैं। टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने के लिए आज हजारों शिक्षक सड़क पर हैं, दूसरी तरफ टीईटी की अनिवार्यता के साथ पदोन्नति को लेकर शिक्षा विभाग के कार्यालयों का घेराव चल रहा है। सरगुजा से लेकर रायपुर तक टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक भी आक्रामक हैं।
इसी कड़ी में सहायक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबित वरिष्ठता सूची जारी करने की मांग को लेकर सोमवार को रायपुर संभाग के सैकड़ों शिक्षकों ने संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन में रायपुर, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिले से पहुंचे शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर आवाज उठाई।
टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ का कहना है कि बार-बार ज्ञापन और निवेदन दिए जाने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने के कारण शिक्षक प्रदर्शन के लिए मजबूर हुए हैं। संघ ने संयुक्त संचालक को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई तो 1 सितंबर 2026 से पात्र सहायक शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।
‘टी’ संवर्ग की सूची जारी, ‘ई’ संवर्ग में अब भी इंतजार
शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में शिक्षा संभाग रायपुर अंतर्गत ‘टी’ संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया संचालित हो रही है। इस क्रम में ‘टी’ संवर्ग की अंतिम वरिष्ठता सूची प्रकाशित की जा चुकी है और पात्र सहायक शिक्षकों की गोपनीय चरित्रावली सहित अन्य अभिलेख भी मंगाए जा रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर ‘ई’ संवर्ग के सहायक शिक्षकों की अंतिम वरिष्ठता सूची अब तक प्रकाशित नहीं हुई है। विषय आधारित रिक्त पदों के विरुद्ध पात्र सहायक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया भी अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही है। इसी को लेकर शिक्षकों में नाराजगी है।
अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और हिंदी के पद खाली
टीईटी संघ के संयोजक जितेंद्र साहू ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और हिंदी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता बेहद जरूरी है। इन विषयों के कई पद रिक्त हैं और इन पदों पर पदोन्नति के लिए पात्र सहायक शिक्षक भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है।
धमतरी से पहुंचे परमेश्वर साहू ने वर्ष 2023 की पदोन्नति प्रक्रिया का आंकड़ा सामने रखते हुए कहा कि अंग्रेजी विषय के 646 पदों में से केवल 383 पदों पर पदोन्नति दी गई, जबकि 263 पद रिक्त रह गए। इसी तरह गणित विषय के 347 पदों पर डीपीसी आयोजित हुई, लेकिन 246 पदों पर ही पदोन्नति हुई और 101 पद रिक्त रह गए।
उन्होंने कहा कि हर साल करीब 300 शिक्षक सेवानिवृत्त होते हैं। ऐसे में विषय आधारित रिक्त पदों की संख्या 1000 से अधिक होने की स्थिति बन रही है। आत्मानंद, विवेकानंद और पीएम श्री स्कूलों में भी पद रिक्त हैं, जिन्हें पदोन्नति के माध्यम से भरा जा सकता है।
‘बच्चों को विषय आधारित शिक्षण से वंचित किया जा रहा’
परमेश्वर साहू ने आरोप लगाया कि रिक्त पद होने और पात्र शिक्षक उपलब्ध होने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है और लाखों बच्चों को विषय आधारित शिक्षण से वंचित होना पड़ रहा है।
मिडिल स्कूल प्रधानाध्यापक के 1534 पद रिक्त
बलौदाबाजार से पहुंचे सूर्यप्रकाश साहू ने बताया कि रायपुर संभाग में ‘ई’ संवर्ग के अंतर्गत मिडिल स्कूल प्रधानाध्यापक के करीब 1534 पद रिक्त हैं, जिनकी पदोन्नति प्रक्रिया फिलहाल प्रक्रियाधीन है।उन्होंने कहा कि सैकड़ों शिक्षकों की व्याख्याता पद पर पदोन्नति हो चुकी है, लेकिन उनकी पदस्थापना अब तक लंबित है। यदि समय रहते पदस्थापना नहीं हुई तो मिडिल स्कूलों में शिक्षकों की कमी और गंभीर हो सकती है, जिसका प्रतिकूल असर शिक्षण व्यवस्था पर पड़ेगा।
अतिशेष शिक्षकों की समस्या भी उठाई
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने यह भी कहा कि संभाग के अलग-अलग जिलों में सैकड़ों सहायक शिक्षक अतिशेष के रूप में कार्यरत हैं। ऐसे में पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होने से अतिशेष शिक्षकों की समस्या कम हो सकती है और शासन पर वेतन के रूप में पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार में भी कमी आएगी।शिक्षकों के मुताबिक इससे विद्यालयों में शिक्षक उपलब्धता बेहतर होगी और शिक्षकों के मनोबल पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
DPI और JD कार्यालय के बीच प्रक्रिया अटकी होने का आरोप
टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ का आरोप है कि संयुक्त संचालक से चर्चा के दौरान यह बात सामने आती है कि डीपीआई स्तर से अनुमति नहीं मिल रही है। वहीं डीपीआई कार्यालय में जाने पर इसे जेडी स्तर का कार्य और क्षेत्राधिकार बताया जाता है।संघ का कहना है कि दोनों कार्यालयों के बीच समन्वय के अभाव में सहायक शिक्षक से शिक्षक पदोन्नति की प्रक्रिया अटकी हुई है।
एक सप्ताह का समय, फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल
संघ ने संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर को पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया में ठोस प्रगति नहीं हुई तो 1 सितंबर 2026 से पदोन्नति की राह देख रहे सैकड़ों पात्र सहायक शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।प्रदर्शन में जितेंद्र साहू, परमेश्वर साहू, सूर्यप्रकाश साहू, टोकेश्वर साहू, कुलेश्वर साहू, सुरेश नंद, पीतांबर सेन, सत्यवान साहू, लुकेश साहू, रश्मि पटेल, बुद्धदेव, देवनारायण, तुकलेश साहू, हेमसागर साहू सहित रायपुर संभाग के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।



















