रायपुर। इन दिनों स्वाइन फ्लू का कहर पूरे देश में बरपा है। दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से लेकर बिहार तक में स्वाइन फ्लू का असर दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। भिलाई से शुरू हुआ स्वाइन फ्लू का सिलसिला अब पूरे प्रदेश में दिख रहा है। आये दिन स्वाइन फ्लू के नये मरीज दिख रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 1 जनवरी से अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल 110 पॉजिटिव मामले दर्ज किए जा चुके हैं। राहत की बात यह है कि संक्रमण फैलने के बावजूद स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और वर्तमान में केवल 19 एक्टिव मरीज ही उपचाराधीन हैं।
बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से परामर्श लें।
रायपुर में सबसे ज्यादा असर, जानिए किन जिलों में कितने एक्टिव केस
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी रायपुर स्वाइन फ्लू से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
• रायपुर: कुल 56 संक्रमित, जिनमें से 7 मरीज अभी एक्टिव हैं।
• बिलासपुर: कुल 12 मामले, 2 मरीज एक्टिव।
• धमतरी: कुल 7 मामले, 4 मरीज एक्टिव।
• दुर्ग: कुल 7 मामले, 2 मरीज एक्टिव।
• रायगढ़: कुल 5 मामले, 2 मरीज एक्टिव।
• कोरबा: कुल 5 मामले, 1 मरीज एक्टिव।
• बेमेतरा: कुल 3 मामले, 1 मरीज एक्टिव।
कई जिलों में संक्रमण पहुंचा, पर अब एक भी एक्टिव केस नहीं
प्रदेश के कई जिलों में स्वाइन फ्लू के मरीज मिले थे, लेकिन वे इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।
• बस्तर, जांजगीर-चांपा, राजनांदगांव और सरगुजा: इन जिलों में 2-2 मामले सामने आए थे।
• दंतेवाड़ा, गरियाबंद, जशपुर, महासमुंद, एमसीबी और सूरजपुर: इन जिलों में 1-1 मामला दर्ज हुआ था।
वर्तमान में इन सभी जिलों में स्वाइन फ्लू का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है। इसके अलावा बालोद, बालोदाबाजार, कांकेर, सुकमा, बीजापुर, कोरिया, मुंगेली समेत अन्य जिलों में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण: कब हों सतर्क?
मौसम में बदलाव के साथ स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लग सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
1. तेज बुखार, खांसी और गले में खराश।
2. नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द और बदन दर्द।
3. अत्यधिक थकान, ठंड लगना और कुछ मामलों में उल्टी या दस्त।
4. गंभीर लक्षण: सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या ऑक्सीजन लेवल कम होना।
स्वाइन फ्लू से बचाव के जरूरी उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सी सावधानी बरतकर स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचा जा सकता है:
• खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
• हाथों को समय-समय पर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
• बिना हाथ धोए अपनी आंख, नाक या मुंह को बार-बार न छुएं।
• लक्षण दिखाई देने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और मास्क का प्रयोग करें।
• घर और कार्यस्थल पर हवा का सही वेंटिलेशन बनाए रखें।



















