धमतरी। धमतरी के प्रसिद्ध पहलवान एवं कुश्ती प्रशिक्षक लक्ष्मण लाल साहू को कुश्ती के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित “शहीद विनोद चौबे सम्मान” से सम्मानित किया गया। राज्य खेल अलंकरण पुरस्कार की श्रेणी में यह सम्मान उन्हें 29 अगस्त को रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सूबे के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित मंत्रिमंडल के सदस्य एवं खेल जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे।
मां के आशीर्वाद और गुरुओं की सीख से शुरू हुआ कुश्ती का सफर।
बताया गया कि 67 वर्षीय लक्ष्मण साहू के लिए कुश्ती महज खेल नहीं, बल्कि जीवनभर की साधना और संस्कार रही है। उन्होंने अपनी मां का आशीर्वाद लेकर तथा अपने बड़े भाई स्वर्गीय भुवन लाल साहू के मार्गदर्शन में कुश्ती की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुजनों एवं वरिष्ठ पहलवानों स्वर्गीय बुआ उस्ताद, स्वर्गीय घुरुवा फुटान और स्वर्गीय रामकृष्ण यादव से अखाड़े की बारीकियां और कुश्ती के दांव-पेंच सीखे।बचपन से ही कुश्ती के प्रति उनका गहरा लगाव रहा। वे नियमित रूप से अखाड़े में अभ्यास करते रहे और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी पहचान बनाई।
खिलाड़ी से प्रशिक्षक बने, सैकड़ों पहलवानों को दी नई दिशा।
गौरतलब है कि खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाने के बाद लक्ष्मण साहू ने कुश्ती प्रशिक्षक के रूप में नई पीढ़ी को तैयार करने का बीड़ा उठाया। उनके मार्गदर्शन में सैकड़ों युवा पहलवानों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक और खिताब हासिल कर धमतरी का नाम रोशन किया है।
बताया गया कि उनका योगदान केवल पुरुष पहलवानों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने धमतरी में महिला कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण पहल की। महिला खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया और उच्च स्तर पर आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन एवं अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़ीं कई महिला खिलाड़ी आज विभिन्न प्रतिष्ठित पदों एवं जिम्मेदारियों पर कार्यरत हैं। इसे धमतरी में महिला खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।
संघर्ष के दौर में मिला सहयोग, आज भी याद।
लक्ष्मण साहू के कुश्ती सफर में संघर्ष के कई दौर आए। जब उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा था, उस समय पूर्व विधायक इंदर चंद चोपड़ा एवं तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष स्वर्गीय ताराचंद हिंदूजा ने उन्हें सहयोग और प्रोत्साहन दिया।लक्ष्मण साहू आज भी इस सहयोग को अपने संघर्षपूर्ण सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। वहीं, वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले खिलाड़ियों को भी लगातार सहयोग और प्रोत्साहन देकर आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं।
कुश्ती संघ में भी निभा रहे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी।
वर्तमान में लक्ष्मण साहू कुश्ती संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष, धमतरी जिला अध्यक्ष एवं क्रीड़ा भारती के जिला अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सम्मान मिलने पर उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का उत्साह बढ़ेगा। इससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
धमतरी से कई लोग सम्मान समारोह में हुए शामिल।
सम्मान समारोह में धमतरी से चंद्रशेखर चौबे, रामेश्वर गंगबेर, गिरीश साहू, गोपी किशन साहू, क्रीड़ा भारती के सदस्य शिवा प्रधान, नानकू महाराज, टिक्की निर्मलकर, छबी लाल सिन्हा एवं पार्षद हिमानी भागवत साहू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने लक्ष्मण साहू को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
“शहीद विनोद चौबे सम्मान” लक्ष्मण साहू के वर्षों के संघर्ष, समर्पण और कुश्ती के प्रति उनकी निष्ठा का सम्मान है। उनका यह सम्मान धमतरी के युवा खिलाड़ियों के साथ-साथ महिला खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश है।



















