अंबिकापुर। सात साल का लंबा इंतजार… बेटी की आंखों में पिता से मिलने की खुशी… और घर लौटने की अनगिनत उम्मीदें। लेकिन किस्मत ने ऐसा दर्दनाक मोड़ लिया कि जिस पिता को बेटी अपने साथ घर ले जाने पहुंची थी, उसी पिता का शव लेकर उसे लौटना पड़ा। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से ये दिल दहलाने वाली घटना सामने आयी है।
यह घटना हर किसी को भावुक कर देने वाली है। पत्नी की हत्या के मामले में सात साल की सजा पूरी करने वाले श्याम जतन साय (66) की रिहाई के महज दो घंटे बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दुखद बात ये रही कि जो बेटी अपने पिता को खुशी-खुशी घर लाने पहुंची थी, वो बिलखते-बिलखते अपने पिता के शव को लेकर घर लौटी।
सात साल से इस दिन का था इंतजार
दरअसल अंबिकापुर के ग्राम खलिबा निवासी श्याम जतन साय पिछले सात वर्षों से केंद्रीय जेल में बंद थे। पत्नी की हत्या के मामले में उन्हें सात साल के कारावास की सजा हुई थी। आखिरकार वह दिन भी आया, जब उनकी सजा पूरी हो गई और जेल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी कि 24 जुलाई दोपहर 12:30 बजे उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। घर में उम्मीद थी कि सात साल बाद परिवार का बिछड़ा सदस्य लौटेगा। सबसे ज्यादा खुश उनकी बेटी सानिया थी, जो अपने पिता को लेने खुद जेल पहुंची थी।
जेल पहुंची तो पता चला… पिता अस्पताल में हैं
लेकिन जेल पहुंचते ही सानिया की खुशी चिंता में बदल गई। उसे बताया गया कि पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, रिहाई से एक दिन पहले उन्हें दस्त की शिकायत हुई थी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था।बेटी बिना देर किए अस्पताल पहुंची। उसके मन में बस एक ही उम्मीद थी कि इलाज के बाद वह पिता को अपने साथ घर लेकर जाएगी।
पिता को सौंपा… और दो घंटे बाद सब खत्म हो गया
निर्धारित समय पर जेल की औपचारिकताएं पूरी हुईं। जेल कर्मचारियों ने श्याम जतन साय को उनकी बेटी के सुपुर्द कर दिया और कहा कि उपचार पूरा होने के बाद वह उन्हें घर ले जा सकती है।लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
जेल कर्मचारियों के अस्पताल से जाने के करीब दो घंटे बाद इलाज के दौरान श्याम जतन साय ने अंतिम सांस ले ली। जिस बेटी ने सात साल बाद पिता को गले लगाने के सपने संजोए थे, उसे उसी दिन पिता के अंतिम दर्शन करने पड़े।
खुशियों का सफर मातम में बदल गया
जिस घर में पिता की वापसी की तैयारी थी, वहां कुछ ही घंटों में मातम छा गया। अस्पताल से बेटी अपने पिता का हाथ पकड़कर नहीं, बल्कि उनका शव लेकर घर लौटी। सात साल का इंतजार एक पल में टूट गया और परिवार की सारी खुशियां गहरे दुख में बदल गईं।
पुलिस कर रही है मौत के कारणों की जांच
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।



















