बलरामपुर। शिक्षिका से अभद्रता करने वाले प्रधान पाठक पर गाज गिर गयी है। शिक्षिकाओं पर गलत नजर रखने के आरोपों की जांच के बाद ये एक्शन लिया गया है। पूरा मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का है, जहां महिला शिक्षिकाओं से कथित अभद्र व्यवहार के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय मिडिल स्कूल भरूहीबांस में पदस्थ प्रधान पाठक मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई महिला शिक्षिकाओं की शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई है।प्रधान पाठक पर शिक्षिकाओं ने गंभीर आरोप लगाए थे। एक शिक्षिका ने आरोप लगाया था कि वह स्कूल में अपने दुधमुंहे बच्चे को स्तनपान करा रही थीं, इसी दौरान प्रधान पाठक ने कथित तौर पर उन्हें छिपकर देखा। वहीं दूसरी शिक्षिका ने आरोप लगाया कि प्रधान पाठक उनके मासिक धर्म को लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट लाने की बात कहते थे।
शिक्षिकाओं ने बलंगी चौकी में की थी शिकायत
मामला सामने आने के बाद दोनों शिक्षिकाओं ने 1 अगस्त को बलंगी चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में प्रधान पाठक के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिक्षिकाओं का कहना था कि इस तरह के व्यवहार के कारण उन्हें कार्यस्थल पर असहज और असुरक्षित महसूस हो रहा था।शिकायत के बाद मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया और विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान देखने का आरोप
एक शिक्षिका का आरोप है कि वह अपने दुधमुंहे बच्चे के साथ स्कूल जाती हैं। बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान प्रधान पाठक ने कथित रूप से उन्हें छिपकर देखा। शिक्षिका के मुताबिक इस घटना से उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी हुई और उनके सम्मान को ठेस पहुंची।शिक्षिका ने इसे कार्यस्थल पर महिला की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
मासिक धर्म को लेकर सर्टिफिकेट मांगने का आरोप
दूसरी शिक्षिका ने प्रधान पाठक पर आरोप लगाया कि मासिक धर्म होने की स्थिति में मेडिकल सर्टिफिकेट लाने के लिए कहा जाता था। इस आरोप के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी मामला चर्चा का विषय बन गया।महिला शिक्षिकाओं की शिकायत और लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रधान पाठक मनोज गुप्ता के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
विधायक तक भी पहुंचा था मामला
बताया जा रहा है कि मामला स्थानीय विधायक तक भी पहुंचा था। इसके बाद विधायक की ओर से मामले की जांच कराकर प्रधान पाठक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई थी।अब जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निलंबन की कार्रवाई किए जाने के बाद मामले में विभागीय जांच आगे बढ़ने की संभावना है। आरोपों की पूरी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।



















