Suspenshion News : देश के पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी भारी पड़ गयी है। अनुशासनहीनता मानते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया है। मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले का है। जहां सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी के कारण एक पटवारी को निलंबित कर दिया गया है।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा की शिकायत पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सीजेपी के समर्थन में साझा की थी पोस्ट
मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित पटवारी ने सोशल मीडिया पर सीजेपी (CJP) के समर्थन में एक पोस्ट साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर टिप्पणी की थी। इस पोस्ट को लेकर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि एक सरकारी कर्मचारी द्वारा इस प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी करना सरकारी सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है।
भाजपा ने प्रशासन से की थी कार्रवाई की मांग
भाजपा की ओर से मामले की शिकायत प्रशासन को सौंपी गई। शिकायत में कहा गया कि सरकारी कर्मचारी को राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक पक्षधरता प्रदर्शित करने से बचना चाहिए। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराई।
एसडीएम ने जारी किया निलंबन आदेश
इस मामले में जांच के बाद बलरामपुर के एसडीएम ने संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान संबंधित पटवारी का मुख्यालय एसडीएम कार्यालय, बलरामपुर निर्धारित किया गया है, जहां वह प्रशासनिक नियंत्रण में रहेगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया आचरण पर फिर चर्चा
पटवारी के निलंबिक की इस कार्रवाई के बाद सरकारी कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग और सेवा आचरण नियमों को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर किसी भी राजनीतिक टिप्पणी या समर्थन से बचना चाहिए, क्योंकि यह सेवा नियमों के विरुद्ध माना जा सकता है।
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