रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) से शिक्षक विहीन, छात्र विहीन और तीन या उससे अधिक शिक्षकों वाले स्कूलों की विस्तृत जानकारी तलब की है। विभाग के इस पत्र के बाद शिक्षक संगठनों और शिक्षा जगत में नए युक्तियुक्तकरण की अटकलें शुरू हो गई हैं।
24 जुलाई 2026 को जारी पत्र में सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित प्रपत्र में अपने जिले के ऐसे विद्यालयों का विवरण तत्काल उपलब्ध कराएं।
तीन बिंदुओं पर मांगी गई है जानकारी
डीपीआई की ओर से जारी पत्र में जिलों से इन तीन श्रेणियों में जानकारी मांगी गई है—
• शिक्षक विहीन विद्यालय
• छात्र विहीन विद्यालय
• ऐसे विद्यालय जहां तीन या तीन से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं
सभी जिलों को निर्धारित प्रारूप में विद्यालय का नाम, दर्ज छात्र संख्या और शिक्षकों की संख्या सहित पूरी जानकारी भेजने को कहा गया है।
क्या फिर होगी शिक्षकों की नई पदस्थापना?
हालांकि विभागीय पत्र में कहीं भी युक्तियुक्तकरण या तबादले का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार यह जानकारी शिक्षकों की वास्तविक उपलब्धता का आकलन करने के उद्देश्य से मांगी जा रही है।
हाल के महीनों में अटैचमेंट समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक अपने मूल पदस्थापना स्थल पर लौटे हैं। इससे कई स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ गई है, जबकि कुछ विद्यालय अब भी शिक्षक विहीन हैं।
ऐसे में सरकार यह जानना चाहती है कि वर्तमान में किस स्कूल में कितने छात्र हैं और उसके अनुपात में कितने शिक्षक कार्यरत हैं।
अटैचमेंट खत्म होने के बाद बदल चुके हैं हालात
शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि पिछली युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के समय न तो शिक्षकों का प्रमोशन हुआ था और न ही अटैच शिक्षक अपने मूल स्कूलों में लौटे थे। इसलिए उस समय शिक्षकों की वास्तविक उपलब्धता का पूरा आकलन नहीं हो पाया था।

अब जब शिक्षा विभाग के सख्त आदेश के बाद अटैच शिक्षक स्कूलों में लौट आये हैं, उससे हालात काफी ज्यादा बदल गये हैं। अधिकांश शिक्षक मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में वापस आ चुके हैं, तो कई स्कूलों में शिक्षकों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक हो गई है। इसी वजह से विभाग नए सिरे से वास्तविक स्थिति का आंकलन कर रहा है।
शिक्षकों में बढ़ी हलचल
डीपीआई द्वारा एक ही प्रपत्र में तीन अलग-अलग श्रेणियों की जानकारी मांगे जाने के बाद शिक्षकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि सरकार शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षकों की नई पदस्थापना के लिए फिर से युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
हालांकि, शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इसे केवल संभावित तैयारी और प्रशासनिक जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया के रूप में ही देखा जा रहा है।



















