रायपुर। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ शहर मंडल भाजपा में पिछले करीब एक पखवाड़े से चल रहे विवाद के बीच पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है। डोंगरगढ़ शहर मंडल भाजपा की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है। इसके साथ ही पार्टी ने अनुशासनहीनता के मामले में 5 कार्यकर्ताओं को संगठन से निष्कासित कर दिया है।
पार्टी के इस फैसले के बाद डोंगरगढ़ भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से मंडल स्तर पर सामूहिक इस्तीफे, आपसी मतभेद और गुटबाजी को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच संगठन ने कार्रवाई करते हुए मौजूदा मंडल कार्यकारिणी को भंग कर दिया। माना जा रहा है कि जल्द ही संगठन का पुनर्गठन किया जायेगा।
सामूहिक इस्तीफों के बाद बढ़ा था विवाद
दरअसल डोंगरगढ़ शहर मंडल भाजपा में विवाद की शुरुआत कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफों और संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष के बाद हुई थी। कई कार्यकर्ताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। इनमें से कई इस्तीफे संगठन की ओर से पहले ही स्वीकार किए जा चुके थे।लगातार सामने आ रहे मतभेदों के बीच पार्टी संगठन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और अब मंडल की मौजूदा कार्यकारिणी को ही भंग करने का निर्णय लिया है।

अनुशासनहीनता और आंतरिक असंतोष बनी कार्रवाई की वजह
संगठन की ओर से की गई कार्रवाई के पीछे अनुशासनहीनता और आंतरिक असंतोष को प्रमुख वजह माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने संगठन में अनुशासन बनाए रखने और आपसी गुटबाजी को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया है।इसके अलावा पांच कार्यकर्ताओं को भी पार्टी से निष्कासित किया गया है। संगठन की इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि पार्टी नेतृत्व मंडल स्तर पर अनुशासनहीनता को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।

नए सिरे से गठित होगी मंडल भाजपा की कार्यकारिणी
बताया जा रहा है कि मौजूदा कार्यकारिणी भंग होने के बाद अब डोंगरगढ़ शहर मंडल भाजपा की नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। संगठन में नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है।नई टीम के गठन के जरिए पार्टी संगठन को दोबारा मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि नई कार्यकारिणी में ऐसे कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिल सकती है, जो संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और पार्टी के कार्यक्रमों में लगातार भाग लेते रहे हैं।


डोंगरगढ़ भाजपा में आगे क्या होगा?
मंडल कार्यकारिणी भंग होने और पांच कार्यकर्ताओं के निष्कासन के बाद अब सभी की नजरें नई कार्यकारिणी के गठन पर रहेंगी। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों को खत्म कर कार्यकर्ताओं को एकजुट करना होगी।आने वाले दिनों में नए मंडल पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद डोंगरगढ़ शहर भाजपा की नई टीम को लेकर तस्वीर साफ होगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक संगठन के बड़े नेताओं से बात विचार के बाद संगठन का पुनर्गठन किया जायेगा। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव अभी अस्पताल में है, लिहाजा उनके स्वस्थ्य होने के बाद इस पर निर्णय लिया जायेगा।





















