रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में कुत्तों के हमले की कई घटना हो चुकी है। खूंखार कुत्तों की वजह से कई शिक्षक व बच्चे अब तक बुरी तरह से जख्मी हुए हैं। लिहाजा ये प्रकरण कोर्ट में है। कोर्ट की तरफ से बच्चों की कुत्तों से सुरक्षा के संदर्भ में मांगे हलफनामे के बाद शिक्षा विभाग एक्शन में हैं। डीपीआई ने इसे लेकर सभी संयुक्त संचालकों व डीईओ को पत्र जारी कर जानकारी मांगी है।
इससे पहले छात्रों की सुरक्षा को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद डीपीआई ने प्रदेश के सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों से सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही सभी जिलों को हर महीने ऑनलाइन रिपोर्ट भी अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।
हाईकोर्ट ने मांगा है हलफनामा
डीपीआई द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 20 जुलाई 2026 को पारित आदेश के तहत राज्य सरकार को निर्धारित समय सीमा में अनुपालन रिपोर्ट और शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत स्कूल शिक्षा विभाग के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सभी संयुक्त संचालकों व डीईओ को पत्र
निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों और कर्मचारियों को आवारा कुत्तों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। यदि किसी छात्र या कर्मचारी को कुत्ता काटने की घटना होती है तो प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के साथ तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की हेल्पलाइन 1100 का उपयोग करने को भी कहा गया है।
हर माह अपडेट करनी होगी जानकारी
डीपीआई ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को राज्य सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित SAMIS (Stray Animals Monitoring & Information System) पोर्टल पर नियमित जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से स्कूल परिसरों में आवारा पशुओं से जुड़े मामलों की निगरानी की जाएगी।निर्देश के अनुसार जुलाई माह के अंत तक पहली बार डेटा अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके बाद प्रत्येक माह अद्यतन जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर संचालनालय को भेजनी होगी।

सभी जिलों को कड़ाई से निर्देश पालन करने को कहा
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी स्कूलों में इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। विभाग का उद्देश्य यह है कि हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से समय पर और तथ्यात्मक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके, साथ ही स्कूल परिसरों में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े आवश्यक प्रबंध भी प्रभावी ढंग से लागू किए जा सकें।



















