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दुर्ग POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला: बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास, 170 दिन में आया फैसला

दुर्ग की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराध पूरे समाज के खिलाफ हैं।

July 29, 2026 6:16 PM
कोर्ट ने उपभोक्ता प्रकरण में सुनाया फैसला
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दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपनी ही नाबालिग बेटी से बार-बार दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सुनवाई के दौरान इस फैसले पर कई अहम टिप्पणियां की।अहम बात ये है कि इस मामले में फैसला सिर्फ 170 दिनों में आ गया।

कोर्ट ने इस मामले को बेहद जघन्य अपराध मानते हुए कहा कि पिता और पुत्री का रिश्ता पवित्रता और अटूट विश्वास का प्रतीक होता है, लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो ऐसे अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी न्याय और समाज दोनों के साथ अन्याय होगी। अदालत ने आरोपी पर ₹5,000 का अर्थदंड भी लगाया है। यह राशि जमा होने पर पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।

अदालत की सख्त टिप्पणी

विशेष पॉक्सो न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि पिता और संरक्षक द्वारा किया गया ऐसा कृत्य केवल एक बच्ची के खिलाफ अपराध नहीं, बल्कि पूरे समाज के खिलाफ अपराध है। ऐसे अपराध पीड़ित बच्चे के वर्तमान ही नहीं, बल्कि उसके भविष्य को भी गहरी चोट पहुंचाते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी तरह की सहानुभूति की कोई गुंजाइश नहीं है।

170 दिन में पूरी हुई सुनवाई

इस मामले में पीड़िता की शिकायत के बाद अमलेश्वर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद विशेष पॉक्सो अदालत में त्वरित सुनवाई हुई और महज 170 दिनों के भीतर फैसला सुनाते हुए आरोपी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा दी गई।

कई महीनों तक करता रहा दुष्कर्म

इस मामले में आये फैसले की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक शेखर वर्मा के अनुसार, आरोपी ने 1 दिसंबर 2025 से 4 फरवरी 2026 के बीच अपनी 16 वर्ष से कम उम्र की बेटी के साथ कई बार जबरन दुष्कर्म किया। घटना के समय वह पीड़िता का पिता और संरक्षक था। न्यायालय ने माना कि आरोपी ने संरक्षण और विश्वास के रिश्ते का गंभीर दुरुपयोग किया।

दादी को बताई आपबीती, फिर दर्ज हुई एफआईआर

पिता के गुनाह की जानकारी लड़की ने अपनी दादी को दी। बच्ची ने बताया कि पिता लगातार उसे धमकाकर गलत काम करता था। 4 फरवरी 2026 को भी घर में कोई नहीं होने का फायदा उठाकर उसने दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसकी दादी मौके पर पहुंच गईं, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया।

इसके बाद 8 फरवरी 2026 को अमलेश्वर थाना में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया, जिसके बाद विशेष पॉक्सो अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।

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