दुर्ग। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति बन गयी, जब झंडोत्तोलन के दौरान तिरंगा उलटा फहर गया। मामला दुर्ग जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस) बोरी में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान बड़ी चूक सामने आई। समारोह के मुख्य अतिथि स्थानीय सरपंच ने जैसे ही तिरंगा फहराया, ध्वज उल्टा बंधा हुआ नजर आया। तिरंगे में हरा रंग ऊपर और केसरिया रंग नीचे दिखाई दे रहा था।
ध्वजारोहण के दौरान मौजूद शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों की नजर जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति पर पड़ी, उन्होंने तत्काल आपत्ति जताई। इसके बाद आनन-फानन में ध्वज को सम्मानपूर्वक नीचे उतारा गया और उसे सही क्रम में बांधकर दोबारा ध्वजारोहण किया गया।
ध्वजारोहण के दौरान हुई बड़ी चूक
स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के लिए स्कूल परिसर में समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में स्थानीय सरपंच को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के तहत सरपंच ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए रस्सी खींची, लेकिन ध्वज ऊपर पहुंचते ही उसमें केसरिया रंग नीचे और हरा रंग ऊपर दिखाई देने लगा।राष्ट्रीय ध्वज को इस तरह फहराया गया देखकर समारोह में मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी ओर ध्यान दिलाया। इसके बाद स्थिति को संभालते हुए ध्वज को नीचे उतारा गया।
सही क्रम में बांधकर दोबारा फहराया तिरंगा
आपत्ति के बाद स्कूल परिसर में मौजूद लोगों ने ध्वज को सही तरीके से बांधा। इसके बाद दोबारा ध्वजारोहण किया गया। दूसरी बार फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज का क्रम सही था और इसके बाद स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया।हालांकि, पहली बार हुई इस चूक को लेकर स्कूल प्रबंधन की तैयारियों और कार्यक्रम से पहले राष्ट्रीय ध्वज की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
तैयारियों और सतर्कता पर उठे सवाल
राष्ट्रीय पर्व के दौरान तिरंगे को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपेक्षा रहती है। ऐसे में ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रीय ध्वज को सही तरीके से बांधा गया है या नहीं, इसकी जांच जरूरी मानी जाती है।सेजेस बोरी में हुई इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह शुरू होने से पहले ध्वजारोहण की तैयारियों की उचित जांच क्यों नहीं की गई। हालांकि, समय रहते लोगों ने गलती की ओर ध्यान दिलाया, जिसके बाद ध्वज को सही तरीके से फहराया गया।


















