जगदलपुर। रेप मामले में सब इंस्पेक्टर को 10 साल की सजा सुनायी गयी है। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने और पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने के मामले में तत्कालीन सब इंस्पेक्टर विकेश चौहान को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष के सश्रम कारावास और पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने के मामले में 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
हालांकि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने कुल 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले की सुनवाई अपर सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) शैलेश अच्युत्य पटवर्धन की अदालत में हुई। न्यायालय ने आरोपी के कृत्य को गंभीर अपराध माना। आरोपी को पहले ही पुलिस विभाग से बर्खास्त किया जा चुका है।

फेसबुक पर हुई थी युवती से पहचान
अभियोजन के अनुसार, विकेश चौहान की पहचान पीड़िता से फेसबुक के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने खुद को तलाकशुदा बताते हुए युवती को भरोसे में लिया और उससे शादी करने का वादा किया। इसके बाद वह पीड़िता को जगदलपुर ले आया।
आरोप है कि पुलिस क्वार्टर में रहने के दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में चित्रकोट स्थित शिव मंदिर में दोनों ने विवाह भी किया। पीड़िता को इस दौरान यही विश्वास था कि आरोपी की पहली शादी समाप्त हो चुकी है।
पहली पत्नी के बारे में सामने आई सच्चाई
बाद में पीड़िता को पता चला कि आरोपी की पहली पत्नी जीवित है और दोनों के बीच तलाक नहीं हुआ है। यानी आरोपी ने खुद को तलाकशुदा बताकर उससे शादी की थी। सच्चाई सामने आने के बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस में की। मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए।
कोर्ट ने दोनों धाराओं में सुनाई सजा
सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक प्रीति वानखेड़े की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी माना।अदालत ने दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
वहीं पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने के मामले में 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई।न्यायालय के आदेश के अनुसार दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
पुलिस की वर्दी और पद का गलत इस्तेमाल गंभीर
मामले में अदालत के सामने यह तथ्य भी रहा कि अपराध के समय आरोपी पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर था। न्यायालय ने लोक सेवक के पद पर रहते हुए इस तरह के अपराध को गंभीर माना।
इस फैसले में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए लंबी सजा सुनाई है। शादी का झांसा, पहली शादी की सच्चाई छिपाना और महिला के साथ दुष्कर्म से जुड़े इस मामले में कोर्ट का फैसला अब चर्चा में है।


















